भारत अपना 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 निरस्त होने का एक साल पूरा हो गया. 5 अगस्त, 2019 को भारतीय संसद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को निरस्त कर दिया था. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें दिख रहा है कि श्रीनगर में लाल चौक के क्लॉक टावर पर भारत का राष्ट्रीय झंडा तिरंगा लहरा रहा है.
इस तस्वीर को पर शेयर करते हुए एक यूजर ने दावा किया है, “5 अगस्त 2019 के बाद क्या बदला? श्रीनगर का लाल चौक जो वंशवादी नेताओं और जिहादी ताकतों के भारत विरोधी प्रचार का केंद्र बन गया था, अब राष्ट्रवाद का ताज बन गया है.”
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि इस वायरल तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई है. लाल चौक पर 15 अगस्त को झंडा नहीं फहराया गया. वायरल हो रही तस्वीर को फोटोशॉप के जरिये बदला गया है, असली तस्वीर कम से कम 10 साल पुरानी है.
ये तस्वीर गलत दावे के साथ पर भी वायरल हो रही है. इस पोस्ट के कुछ आर्काइव , और देखे जा सकते हैं.
AFWA की पड़ताल
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमने पाया कि वायरल तस्वीर कम से कम 2010 से इंटरनेट पर मौजूद है और इसे फोटोशॉप के जरिये बदला गया है.
हमें ‘Mubasshir Mushtaq’ नाम के एक यूजर की 2010 की एक मिली. उन्होंने अपना परिचय फ्रीलांस पत्रकार के तौर पर दिया है. इस ब्लॉग पोस्ट में यही तस्वीर इस्तेमाल की गई है, लेकिन उसमें तिरंगा झंडा नहीं है. लेख में तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है, “सुनसान लाल चौक, श्रीनगर, 22 जून, 2010”.
इस लेख में इस्तेमाल तस्वीर की तुलना वायरल तस्वीर से करने पर साफ समझ में आता है कि इसी पुरानी तस्वीर में छेड़छाड़ करके इसमें तिरंगे झंड़े को जोड़ दिया गया है.
श्रीनगर के लाल चौक की असल स्थिति समझने के लिए AFWA ने श्रीनगर में इंडिया टुडे के फोटो पत्रकार तारिक अहमद लोन से संपर्क किया. तारिक ने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल चौक पर झंडा नहीं फहराया गया है.
तारिक ने बताया, “आज सुबह हम लाल चौक गए थे. चौक के क्लॉक टॉवर पर झंडा नहीं फहराया गया. श्रीनगर और कश्मीर के अन्य इलाकों में आज पूरी तरह लॉकडाउन किया गया है.”
उन्होंने ये भी बताया कि वायरल तस्वीर में दाहिनी तरफ जो पुरानी बिल्डिंग दिख रही है, पांच साल पहले उसकी मरम्मत हो चुकी है. वायरल तस्वीर में जैसा दृश्य दिख रहा है, मौजूदा लाल चौक वैसा नहीं दिखता.
हमारे श्रीनगर संवाददाता ने हमें लाल चौक की 15 अगस्त, 2020 की तस्वीर भेजी. हमने वायरल तस्वीर से इसकी तुलना की और पाया कि वायरल हो रही तस्वीर हाल-फिलहाल की नहीं है. नीचे बायीं तरफ लगी तस्वीर 15 अगस्त, 2020 की है.
AFWA ने कश्मीर के अंग्रेजी अखबार ‘ग्रेटर कश्मीर’ के ब्यूरो चीफ आरिफ वानी से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि चूंकि लाल चौक संवेदनशील इलाका माना जाता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां आम तौर पर यहां राष्ट्रीय झंडा फहराने से बचती हैं.
आरिफ वानी ने कहा, “आज स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर पुलिस कंट्रोल रूम, राजनीतिक दलों के मुख्यालय, एसके स्टेडियम और सीआरपीएफ बटालियन मुख्यालय में झंडा फहराया गया. लाल चौक एक संवेदनशील इलाका है और आमतौर पर सुरक्षा एजेंसियां वहां झंडा फहराने से बचती हैं. जहां तक मुझे याद है, आखिरी बार यहां 1992 में मुरली मनोहर जोशी और पीएम मोदी ने झंडा फहराया था.”
हमें ‘कश्मीर न्यूज ट्रस्ट’ के आधिकारिक फेसबुक पेज से शनिवार, 15 अगस्त का एक वीडियो भी मिला, जिसमें लाल चौक पर कर्फ्यू जैसा माहौल दिख रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि लाल चौक सुनसान है और पर तिरंगा झंडा नहीं है.
जाहिर है कि श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की जो तस्वीर वायरल हो रही है, उसे फोटोशॉप की मदद से बनाया गया है. हाल के दिनों में या 15 अगस्त, 2020 को लाल चौक पर झंडा नहीं फहराया गया.
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