फैक्ट चेक: नावों पर सवार ये बांग्लादेशी मुसलमान बंगाल में घुसपैठ करने नहीं, इज्तिमा के लिए जा रहे थे

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक बड़ी संख्या में मुस्लिम पुरुषों को नावों पर सवार होते देखा जा सकता है. वीडियो में यह धारणा फैलाई जा रही है कि ये मुस्लिम लोग बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से घुसपैठ कर रहे हैं. आजतक ने वीडियो का फैक्ट चेक किया है. जानें क्या है वीडियो की सच्चाई.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
वीडियो में बांग्लादेश के मुसलमानों को नाव पर सवार होकर पश्चिम बंगाल आते हुए देखा जा सकता है.
सच्चाई
ये वीडियो फरवरी 2024 का है, जब बड़ी संख्या में मुसलमान बांग्लादेश के चार मोनाई में हुए इज्तिमा के लिए जा रहे थे.

संजना सक्सेना

  • नई दिल्ली,
  • 20 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 8:10 PM IST

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में बांग्लादेशी  का हाथ होने का आरोप लगाया है. साथ ही, बंगाल में उन लोगों की घुसपैठ करवाने के लिए बीजेपी और सीमा सुरक्षा बल को जिम्मेदार ठहराया है. कुछ  के मुताबिक, मुर्शिदाबाद हिंसा मामले की शुरुआती जांच में भी बांग्लादेशी कनेक्शन सामने आया है. लेकिन, अब तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है जो इस बात की पुष्टि कर सके. वहीं, बांग्लादेश की सरकार ने खुद पर लगे इन  को खारिज कर दिया है. 

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इस बीच सोशल मीडिया पर एक  वायरल हो गया है, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम आदमियों को नावों पर सवार देखा जा सकता है. साथ ही, पीली शर्ट में खड़ा एक शख्स बांग्ला में कुछ बोल रहा है. लोगों की मानें तो ये मुसलमान, बांग्लादेश से बंगाल में घुसपैठ कर रहे हैं.

वीडियो के अंदर मौजूद टेक्स्ट में लिखा है, “बांग्लादेश से मुल्ले बंगाल पहुंच रहे हैं सरकार सो रही है. शेयर करें फॉलो करें मोदी जी राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए.”

फेसबुक पर इसे  करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “बांग्लादेश से मुल्ले पहुंच रहे है बंगाल. मोदी सरकार अब तो आंख खोलो राष्ट्रपति शासन लागू करो.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो फरवरी 2024 का है, जब ये लोग बांग्लादेश के चार मोनाई में हुए इज्तिमा के लिए जा रहे थे. 

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कैसे पता लगाई सच्चाई?

 वीडियो में पीली शर्ट पहना आदमी बांग्ला में बोल रहा है कि बिस्वा इज्तिमा 31 जनवरी को शुरू होने वाला है, लेकिन उससे पहले ही मुसलमानों की भीड़ आने लगी है. इज्तिमा का मतलब ‘इकट्ठा होना’ होता है. इसमें मुसलमान समुदाय के लोग एक जगह इकट्ठा होकर दुआ करते हैं. 

बता दें कि बिस्वा इज्तिमा, बांग्लादेश में  को तुराग नदी के तट पर शुरू हुआ था. हो सकता है कि तब ये वीडियो इस कार्यक्रम से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर शेयर किया गया हो. 

लेकिन, वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये साल 2024 के एक  में मिला.  में ये वीडियो ‘चार मोनाई’ के हैशटैग के साथ यूट्यूब पर अपलोड किया गया था. 

खबरों के मुताबिक, चार मोनाई बांग्लादेश के  का एक इलाका है, जहां हर साल चार मोनाई इज्तिमा होता है. इस तीन-दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में मुसलमान  पर सवार होकर नदी के रास्ते से आते हैं. साल 2024 में ये इज्तिमा  तक चला था. 

बांग्ला कीवर्ड की मदद से सर्च करने पर हमें 28 फरवरी, 2024 के कुछ पोस्ट्स में वायरल वीडियो का  मिला. इनमें इस वीडियो को चार मोनाई महफिल 2024 का बताया गया था. इन  में वायरल वीडियो वाली नाव के अलग एंगल से बने  भी मौजूद हैं. सभी पोस्ट्स में नावों के इस  को बांग्लादेश के चार मोनाई का बताया गया है.  

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साफ है, बांग्लादेश के एक इज्तिमा में जा रहे मुसलमानों के पुराने वीडियो को मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के बाद बंगाल से जोड़कर शेयर किया जा रहा है. 

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