फैक्ट चेक: 4 साल पुराने नग्न प्रदर्शन की फोटो ईसाई जोड़े पर अत्याचार बताकर वायरल

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
धार्मिक शिक्षा देने पर पादरी और उसकी पत्नी को नग्न करके घुमाया गया.
सच्चाई
वायरल तस्वीर चार साल पुरानी घटना है, जब एक दलित परिवार की शिकायत पर कथित तौर पर कार्रवाई न करने को लेकर पुलिस के खिलाफ नग्न होकर प्रदर्शन किया था.

अर्जुन डियोडिया

  • नई दिल्ली,
  • 19 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:22 PM IST

फेसबुक पर एक दहला देने वाली फोटो वायरल हो रही है जिसमें एक पुरुष और एक महिला नग्न अवस्था में खड़े हैं और महिला हाथ में एक बच्चा पकड़े हुए है.

इस तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक शिक्षा देने पर एक पादरी और उसकी पत्नी को सजा के तौर पर नंगा करके घुमाया गया.

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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह वायरल तस्वीर अक्टूबर, 2015 की है जब उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में एक दलित परिवार ने पुलिस के ​विरोध में नग्न होकर प्रदर्शन किया था. परिवार का आरोप था कि उनकी शिकायत पर पुलिस ने कथित तौर पर कार्रवाई नहीं की.

फेसबुक पेज ‘Good morning God ’ने यह भ्रामक पोस्ट शुक्रवार को शेयर की है. पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

एक साधारण रिवर्स सर्च की मदद से ही इस वायरल तस्वीर का सच सामने आ गया. हमें इस घटना के बारे में कई पुरानी मीडिया रिपोर्ट मिलीं. Zee News की रिपोर्ट के मुताबिक, कई बार अपील करने के बाद भी ग्रेटर नोएडा पुलिस ने लूट की एफआईआर लिखने से इनकार कर दिया तो दलित परिवार ने नग्न होकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया. रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार के एक सदस्य का नाम सुनील गौतम है.

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हालांकि, इसके उलट कुछ खबरों में दावा किया गया कि ग्रेटर नोएडा पुलिस ने कथित तौर पर शिकायत दर्ज करने का प्रयास करने के लिए परिवार को नग्न कर दिया.

कुछ खबरों में इस वायरल फोटो का अनक्रॉप्ड वर्जन इस्तेमाल हुआ है. इस घटना का वीडियो उस समय खूब वायरल हुआ था.

पिछले साल फरवरी में भी इसी भ्रामक दावे के साथ पोस्ट वायरल हुई थी, जब कुछ मीडिया संस्थानों ने इसकी पोल खोली थी.

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