'हेमा मालिनी मुझे डांस नहीं सिखा पाईं, उल्टा मैंने उन्हें भुलवा दिया'

भारत के नंबर वन न्यूज़ चैनल 'आजतक' के महामंच 'एजेंडा आजतक' के छठें संस्करण में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने अपने जीवन और फ़िल्मी करियर को लेकर कई दिलचस्प बातें बताई. 'यमला, पगला, दीवाना' सत्र में राजदीप सरदेसाई के साथ बातचीत में उन्होंने कहा- कि उनकी पत्नी और बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा मालिनी उन्हें डांस सिखाने में नाकामयाब रही.

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धर्मेंद्र धर्मेंद्र

हंसा कोरंगा

  • नई दिल्ली,
  • 01 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:22 PM IST

भारत के नंबर वन न्यूज़ चैनल 'आजतक' के महामंच 'एजेंडा आजतक' के छठें संस्करण में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने अपने जीवन और फ़िल्मी करियर को लेकर कई दिलचस्प बातें बताई. 'यमला, पगला, दीवाना' सत्र में राजदीप सरदेसाई के साथ बातचीत में उन्होंने कहा- कि उनकी पत्नी और बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा मालिनी उन्हें डांस सिखाने में नाकामयाब रही.

शुक्रवार को धर्मेंद्र ने कहा, 'हेमा के साथ मैंने बहुत सी हिट फिल्में दी. हेमा अच्छी डांसर हैं, लेकिन मुझे डांस नहीं सिखा पाई. उलटा मैंने उन्हें भुलवा दिया.' धर्मेंद्र ने कहा, 'मैं डांस में ऑरिजनल हूं. मैं खुद को कॉपी नहीं कर सकता था.

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सनी ने कहा था कि मर्द नाचते नहीं नचाते हैं. मैं सनी को कहता था कि बेटा तू सीख ले डांस. वो कहता था, जब पापा आपने नहीं सीखा तो मैं क्यों सीखूं.'

इंडस्ट्री में एक जोड़ी बन जाती है. जैसे राज कपूर -नरगिस थे वैसे ही मेरी और हेमा की जोड़ी बन गई. हमने कई सफल फिल्मों में काम किया.

बिमल, ऋषि दा जैसे निर्देशकों का कोई मुकाबला नहीं. ऋषि दा ने कितनी वैराइटी दी है. वो एडिटर भी कमाल के थे. उन्हें पता था कि कितना शॉट लेना है. मुझे प्यार भी करते थे बहुत.

तब एक-दूसरे का काफी सम्मान होता था

धर्मेंद्र ने बताया, अर्जुन हीगंरानी के साथ मैंने कभी फीस नहीं तय किया. तब और आज के जमाने के निर्देशक-अभिनेताओं के संबंध में अंतर आया है. तब लोगों का लिहाज-सम्मान था. जीवन में ठहराव था. तब उस तरह की फिल्में चलती थीं. अब रिएलिस्टिक फिल्में बनती हैं, लेकिन इंडस्ट्री में सभ्यता को लोग भूल रहे हैं. ये अच्छा नहीं लगता था.

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हेमा के साथ करना चाहते थे बाजीराव-मस्तानी

धर्मेंद्र ने कहा, वो बाजीराव-मस्तानी में रणवीर ने बहुत अच्छा काम किया है. पहले मैं और हेमा ये फिल्म करना चाहते थे. अब ये इंडस्ट्री नहीं रही, मंडी बन गई है. पैसों के लिए कुछ भी करवा लो. देव अनांद में जो था अब किसी में नहीं है. अब कहीं भी नाचने-गाने चले जाते हैं लोग. अब वो बात नहीं रही.

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