विवेक दहिया बुडापेस्ट में हुए नस्लभेद का शिकार, कहा- भारत में भी स्थिती समान

आम आदमी हो चाहे कोई सिलेब्रिटी दूसरे देशों में नस्लभेद का शिकार होना आम बात है. इसका ताजा उदाहरण टीवी एक्टर विवेक दहिया हैं. विवेक हाल ही में जब बुडापेस्ट से भारत आ रहे थे, तब बुडापेस्ट एयरपोर्ट पर उन्हें नस्लभेद का शिकार होना पड़ा.

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विवेक दहिया विवेक दहिया

स्वाति पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 24 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:41 PM IST

आम आदमी हो चाहे कोई सिलेब्रिटी दूसरे देशों में नस्लभेद का शिकार होना आम बात है. इसका ताजा उदाहरण टीवी एक्टर विवेक दहिया हैं. विवेक हाल ही में जब बुडापेस्ट से भारत आ रहे थे, तब बुडापेस्ट एयरपोर्ट पर उन्हें नस्लभेद का शिकार होना पड़ा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवेक और उनकी पत्नी दिव्यांका एयरपोर्ट पर लाइन में इंतजार कर रहे थे. उस समय वहां के अधिकारियों ने उनके पीछे खड़े 15 अमेरिकियों के ग्रुप को उनसे पहले प्रेफरेंस दी.

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टाइम्स ऑफ इंडिया से इस अनुभव के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया- जब मैं 18 साल का था, मैं तब से ट्रैवल कर रहा हूं. मैंने यूके में साल साल पढ़ाई की है. 14 साल मैंने ऐसी किसी परिस्थिती का सामना नहीं किया. बुडापेस्ट पहला शहर है जहां मैं नस्लभेद का शिकार हुआ. पहले कुछ दिनों में भी कुछ घटनाएं घटी, लेकिन मैंने उसे इत्तेफाक सोच कर ज्यादा तवज्जो नहीं दी. बाद में मुझे एहसास हुआ कि बाहरी लोगों के साथ वहां के लोग जान-बूझ कर ऐसा व्यवहार करते हैं. एयरपोर्ट पर हुई घटना ने स्थिती को और खराब कर दी.

जब आप घर लौटते हैं तो आपको पता चलता है कि यहां की स्थिती भी अलग नहीं है. हम गोरी चमड़ी को पसंद करते हैं और अपने देशवासियों से ज्यादा तवज्जो विदेशियों को देते हैं. सभी देशों को अपने नागरिकों और यात्रियों को समान समझना चाहिए.

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