'ग्लैमर की चमक के पीछे छिपा है दर्द', कपिल शर्मा की 'ऑनस्क्रीन बुआ' ने खोली इंडस्ट्री की पोल

शोबिज इंडस्ट्री बाहर से देखने में जितनी रंगीन और ग्लैमरस दिखती है, असल में ऐसा होता नहीं है. टीवी पर बड़े-बड़े महलों में आलीशान जिंदगी गुजारते हुए दिखने वाले स्टार्स असल जिंदगी में काफी स्ट्रगल करते हैं. उनके मुश्किल हालातों से एक्ट्रेस उपासना सिंह ने रूबरू कराया है.

Advertisement
उपासना सिंह ने बताया इंडस्ट्री का काला सच (Photo: Instagram @upasnasinghofficial) उपासना सिंह ने बताया इंडस्ट्री का काला सच (Photo: Instagram @upasnasinghofficial)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:24 PM IST

उपासना सिंह टीवी और बॉलीवुड इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं. उपसाना अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जानी जाती है. कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में वो 'पिंकी बुआ' के रोल में नजर आ चुकी हैं. बुआ के रूप में उन्हें फैंस का बेशुमार प्यार मिला. फैंस आज भी उन्हें 'पिंकी बुआ' के नाम से जानते हैं. एक्ट्रेस ने अब ग्लैमर वर्ल्ड को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि शोबिज इंडस्ट्री बाहर से जितनी चमकदार दिखती है उतनी होता नहीं है. 

Advertisement

एक्ट्रेस का बड़ा खुलासा

समाचार एजेंसी संग बातचीत में उपासना सिंह ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई से फैंस को रूबरू कराया. उन्होंने बताया कि ग्लैमर वर्ल्ड की 'चमक-धमक' के पीछे काफी संघर्ष छिपा होता है. एक्ट्रेस ने बताया कि जब वो CINTAA की जनरल सेक्रेटरी बनीं, तब उन्हें इस इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई के बारे में पता चला.

एक्ट्रेस बोलीं- लोग फिल्म इंडस्ट्री के पीछे के अंधेरे को देख नहीं पाते हैं. एक आम इंसान को लगता है कि यह बहुत ग्लैमरस लाइफ है और एक्टर्स बहुत आराम से जिंदगी गुजार रहे हैं. लेकिन जब मैं CINTAA की जनरल सेक्रेटरी बनी, तो लोग अपनी समस्याएं लेकर मेरे पास आने लगे. उन्होंने मुझे बताया कि वो पूरे साल में मुश्किल से 1,200 रुपये कमा पाते हैं. कुछ ने बताया कि उन्हें सिर्फ चार या पांच दिन काम मिलता है, जिसमें से कोऑर्डिनेटर 25 प्रतिशत अमाउंट ले लेता है. इसके अलावा, इतनी मेहनत करने के बावजूद भी उन्हें अपना पैसा 90 दिन और कभी-कभी तो 120 दिन के बाद मिलता है.

Advertisement

एक्ट्रेस आगे बोलीं- जरा सोचकर देखिए... अगर कोई दिन के 5,000 रुपये कमाता है, तो उनका बड़ा अमाउंट TDS में कट जाता है. इसके अलावा कोऑर्डिनेटर अपना कमीशन भी लेते हैं. तो आखिर में क्या बचता है? मुंबई जैसे शहर में किराया भी बहुत ज्यादा होता है, बच्चों की स्कूल फीस देनी होती है. घर के बाकी खर्चे भी निकालने होते हैं. 

इलाज कराने के लिए भी करना पड़ता है स्ट्रगल

उपासना सिंह ने आगे बताया कि एक्टर्स के पास कभी-कभी अपने इलाज के लिए भी पैसे नहीं होते. उन्होंने बताया- मुझे एहसास हुआ कि बहुत से स्टार्स अपनी हेल्थ का ठीक से ख्याल तक नहीं रख पाते हैं. वो डॉक्टर्स के पास नहीं जा पाते, क्योंकि उनके पास पैसे नहीं होते. उन्हें अपना घर चलाने, बच्चों की स्कूल फीस भरने और यहां तक कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ती है. 

हालांकि,उपासना सिंह खुद को लकी मानती हैं, क्योंकि उन्हें इन सब चीजों से नहीं गुजरना पड़ा. अपने बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा-मैं खुद एक एक्ट्रेस हूं, इसलिए मुझे बहुत दुख होता है. भगवान की कृपा से मैं लकी रही हूं. मुझे अच्छा काम मिला, मैंने काफी लीड रोल्स निभाए हैं. लेकिन जब मैं दूसरे स्टार्स की खराब कंडीशन देखती हूं, तो मुझे बुरा लगता है. हम लगातार उनकी मदद करने की कोशिश करते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement