एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता इंडिया के लगभग हर घर में पॉपुलर हैं. सीरियल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' ने उन्हें वो पहचान दिलाई है, जिसकी जिंदगी में हर एक्टर को चाहत होती है. साल 2008 में शुरू हुआ ये शो अभी भी दर्शकों को हंसा रहा है. बबीता जी के किरदार में मुनमुन को फैंस का भरपूर प्यार मिल रहा है.
मुनमुन दत्ता ने किया पिता को याद
हाल ही में मुनमुन दत्ता रणवीर इलाहाबादिया के पॉडकास्ट में आईं जहां उन्होंने अपने हिट शो से लेकर अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी कई बातें की. इस दौरान एक्ट्रेस ने अपने दिवंगत पिता को भी याद किया, जिन्हें वो साल 2018 में खो चुकी थीं. ये वो दौर था जब मुनमुन अपने करियर के पीक पर थीं. उनका शो टीआरपी रेटिंग्स में टॉप पर रहता था.
अपने पिता को याद करते हुए मुनमुन ने बताया कि उनके लिए वो पल काफी मुश्किल था. क्योंकि उनके पिता को एक बीमारी थी, जिसका वो इलाज कराना चाहती थीं. एक्ट्रेस ने कहा, 'जब 2018 में मैंने अपने पिता को खोया, वो मेरे लिए एक पर्सनल सेटबैक था. उसकी एक वजह है. हर कोई अपनी जिंदगी में किसी ना किसी को खोता है. लेकिन मेरे पिता को गठिया की परेशानी थी. वो बहुत सालों से इससे गुजर रहे थे.'
'इसलिए वो ठीक से चल भी नहीं पाते थे. तो मैं उनको हमेशा बोलती थी कि मैं आपका ऑपरेशन कराऊंगी. वो भी एक्साइटेड थे कि हां मेरा ऑपरेशन हो जाएगा, तो मैं ठीक हो जाऊंगा. फिर साल 2018 में हमने ऑपरेशन का फैसला किया. मगर ऑपरेशन से ठीक एक महीना पहले वो थोड़े घबरा गए. वो बोलने लगे कि नहीं, अगर मेरा ऑपरेशन होगा तो मैं वहीं मर जाऊंगा. लेकिन हम लोगों ने उन्हें समझाया.'
पिता के जाने का बबीता जी को लगा झटका
मुनमुन ने आगे कहा, 'उनका ऑपरेशन सक्सेसफुल हुआ. 11वें दिन उन्हें घर लौटना था. लेकिन उससे ठीक एक रात पहले ही उनका हॉस्पिटल में ही निधन हो गया. तो वो मेरे लिए बहुत शॉकिंग चीज थी और झटका भी इसलिए लगा क्योंकि मेरे दिमाग में वही चल रहा था कि शायद मैं उनका ऑपरेशन ना कराती. मैं हमेशा खुद को यही बोलती हूं कि मैं अच्छाई के लिए वो चीज करने वाली थी.'
'मेरे पिता बिल्कुल भी चल नहीं पाते थे. मैंने ये बात काफी समय तक नहीं की थी. लेकिन हाल ही में मैंने अपनी मां से इसके बारे में बात की. मैं ज्यादा बोलना नहीं चाहती वरना रोने लगूंगी. मेरी मां ने मुझसे कहा कि तुम अपने पिता के लिए कुछ अच्छा करना चाहती थी.'
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