यूट्यूबर एल्विश यादव को सांप और जहर केस सुप्रीम कोर्ट से फटकार मिली है. एल्विश ने कोर्ट में इस केस में दर्ज चार्जशीट और क्रिमिनल कार्रवाई को चुनौती दी थी. जिस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एमएम सुंदरेश और एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने उनकी कड़ी आलोचना की है. कोर्ट का कहना है उनके इस केस ने समाज को गलत मैसेज दिया है. साथ ही इस मामले की वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत जांच की जाएगी.
कोर्ट ने एल्विश को लगाई डांट
सुप्रीम कोर्ट (SC): अगर आपके जैसे मशहूर व्यक्ति को ऐसे बेबस, बिना आवाज वाले जानवरों का इस तरह इस्तेमाल करने दिया जाएगा, तो जनता को गलत संदेश जाएगा. हमें वाइल्डलाइफ एक्ट के प्रावधान देखने पड़ेंगे. हम सांपों को मारने या नुकसान नहीं पहुंचा सकते. वे संरक्षित प्रजाति हैं.
वकील मुकता गुप्ता: सांप मेरे नहीं थे. मैंने सिर्फ एक म्यूजिक वीडियो में गेस्ट अपीयरेंस किया था. सांपों को कोई और लेकर आया था और उसने ही उन्हें हैंडल किया था. दूसरी FIR अलग केस की है.
जस्टिस सुंदरेश: आप ये नहीं कह सकते कि जो मन करे कर दोगे. क्या आपने सांप को हैंडल किया या नहीं?
मुकता गुप्ता: वीडियो शूट करने वाले व्यक्ति- प्रोड्यूसर ने जरूरी परमिशन ली थी. वे सांप बिना जहर के थैली और दांतों वाले थे.
SC: पहले प्रॉसिक्यूशन रिपोर्ट दे कि परमिशन ली गई थी या नहीं. भले ही FIR बंद हो जाए, हम वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत शिकायत से चिंतित हैं. FIR में क्लोजर रिपोर्ट हो तो भी हमें देखना पड़ेगा.
शिकायतकर्ता: चार्जशीट और सरकार के काउंटर एफिडेविट में एक अधिकारी का बयान है कि एक अजगर की जहर थैली बरकरार थी. अजगर जहरीला था.
जस्टिस सिंह: अजगर कैसे जहरीला हो सकता है? वे शिकार को दबाकर मारते हैं.
जस्टिस सुंदरेश: हमें शिकायत की वैधता और उल्लंघन देखना होगा.
फिलहाल के लिए कोर्ट में मामले की सुनवाई टाल दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने 2 हफ्ते में रिपोर्ट फाइल करने के आदेश दिए हैं.
क्या है मामला?
एल्विश का ये केस 3 नवंबर 2023 का है. नोएडा पुलिस को रेव पार्टी की टिप मिली थी. उन्हें जानकारी मिली थी कि पार्टी में सांपों के जहर का इस्तेमाल किया जाता है. पुलिस ने एल्विश यादव और 5 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था. छापेमारी में कोबरा सहित 9 जहरीले सांप पाए गए. बीजेपी सांसद मेनका गांधी के NGO की शिकायत पर एक्शन लिया गया था. एल्विश को इस केस में जेल भी जाना पड़ा था.
अनीषा माथुर