हनुमान जयंती के मौके पर नितेश तिवारी की 'रामायण' का टीजर रिलीज हो चुका है. टीजर रिलीज के बाद फिर से रामानंद सागर की 'रामायण' की चर्चा होने लगी है. रामानंद सागर ने 'रामायण' की कास्टिंग काफी सोच-समझकर की थी. उनके पौराणिक शो में कई आम लोगों को भी चमकने का मौका मिला था. इनमें से एक राक्षसी त्रिजटा का रोल निभाने वाली विभूति परेश चंद्र दवे भी थीं. बहुत कम लोगों को पता होगा कि विभूति को त्रिजटा का रोल कैसे मिला.
आम महिला बनी थी 'राक्षस'
विभूति परेश चंद्र दवे गुजरात के सूरत की रहने वाली थीं. 'नारद टीवी' के मुताबिक, विभूति एक बार अपने गरबा ग्रुप के साथ उम्बरगांव गई हुई थीं. वहां पर रामानंद सागर 'रामायण' की शूटिंग कर रहे थे. उन्हें त्रिजटा के किरदार के लिए किसी की तलाश थी. इस दौरान उनकी नजर विभूति पर पड़ी. रामानंद सागर को विभूति का साधारण और सरल स्वभाव काफी पसंद आया. विभूति ज्योतिष विद्या भी जानती थीं. ये सब जानने के बाद रामानंद सागर ने त्रिजटा के रोल के लिए उनका ऑडिशन लिया. विभूति ने टेस्ट पास किया और त्रिजटा के रोल के लिए सेलेक्ट हो गईं.
ये भी कहा जाता है कि 'रामायण' के सेट पर विभूति के साथ चमत्कार हुआ था. वो कई साल से संतान के लिए तड़प रही थीं, लेकिन मां नहीं बन पा रही थीं. 'रामायण' मिलते ही वो प्रेग्नेंट हो गईं और उन्होंने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया. NBT को दिए इंटरव्यू में दीपिका चिखलिया ने इस बात की पुष्टि की थी. उन्होंने बताया था कि विभूत परेश एक आम महिला थी, जिनकी कोई औलाद नहीं थी. पर 'रामायण' करने के बाद उन्हें बेटी हुई. वो कहती थीं कि मैंने 'रामायण' में काम किया. इसलिए मुझे बेटी हुई. शो के सेट पर भी इसकी काफी चर्चा होती थी.
दुनिया में नहीं विभूति
सूरत की साधारण सी महिला ने त्रिजटा के रोल में ऐसी छाप छोड़ी कि आज तक लोग उन्हें भूल नहीं पाए हैं. लेकिन अफसोस विभूति परेश चंद्र दवे अब दुनिया छोड़कर जा चुकी हैं. 2006 में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया था. उनका एक बेटा भी है, जिसका नाम अपूर्वा दवे है. अपूर्वा अकसर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी मां की तस्वीरें शेयर करते रहते हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क