लगातार लोगों की मदद को आगे आ रहे सोनू सूद, अब गयाना से छात्रों को लाएंगे वापस

कुछ समय पहले ही सोनू सूद ने रूस में फंसे तमिलनाडु के 100 छात्रों को वापस भारत लाने में उनकी मदद की. उन्होंने चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था की और छात्रों को वापस चेन्नई लेकर आए. अब वे गयाना से छात्रों को भारत वापस लेकर आएंगे.

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सोनू सूद सोनू सूद

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 9:36 AM IST

लॉकडाउन में बॉलीवु़ड और साउथ फिल्मों के एक्टर सोनू सूद का जो रूप देखने को मिला उसने देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में उनके कद को और ऊंचा किया. एक्टर की दरियादली से सभी प्रभावित नजर आ रहे हैं और वे जरूरतमंदों के लिए कोरोना के इस मुश्किल दौर में एक मसीहा बन कर आए हैं.  हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है. सोशल मीडिया के जरिए वे लोगों से संपर्क बना रहे हैं, उनकी परेशानियों को समझ रहे हैं और उनकी मदद करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं. हाल ही में सुनने में आया है कि वे गयाना में फंसे भारतीय छात्रों की मदद करेंगे. 

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कुछ समय पहले ही उन्होंने  रूस में फंसे तमिल नाडु के 100 छात्रों को वापस भारत लाने में उनकी मदद की. उन्होंने चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था की और छात्रों को वापस चेन्नई लेकर आए. अभी हाल ही में एक ट्विटर यूजर ने गुजारिश की कि गयाना में भी कई सारे स्टूडेंट्स फंसे हुए हैं. उन्होंने मदद की गुहार लगाई. सोनू सूद को इसका रिप्लाए करने में जरा भी वक्त नहीं लगा. उन्होंने फौरन शख्स का जवाब देते हुए कहा- नया देश, नया मिशन, चलो इसे करते हैं. सड़क 2 में इस एक्टर ने निभाया विलेन का किरदार, कहा- ‘बदनाम हुए तो क्या नाम ना होगा’





लोगों की मदद करने को तत्पर सोनू सूद

बता दें कि सोनू सूद के इस मदद करने के जज्बे ने लोगों के दिलों में एक सम्मान पैदा कर दिया है. अब वे एक स्टार एक्टर की छवि से बाहर निकल चुके हैं और उन्हें देश की जनता द्वारा रियल हीरो का टैग दिया जा चुका है. फिल्मों में विलन और साइड एक्टर का रोल करने वाले सोनू सूद अब जरूरतमंदों की आंखों का तारा बन गए हैं और देश की तमाम जनता को उनसे काफी उम्मीदें भी हैं. एक्टर लॉकडाउन के वक्त से ही लोगों की मदद करने में लगे हुए हैं. जब लॉकडाउन में देश का गरीब तबका सरकार से इस बात की गुहार लगा रहा था कि उन्हें उनके गांव पहुंचा दिया जाए उस दौरान सोनू सूद ने लोगों की मदद की और बस की व्यवस्था कर के हजारों देशवासियों को उनके गांव-घरों तक पहुंचाया. 

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