पद्मावती: मेवाड़ राजघराने ने स्मृति ईरानी को लिखा लेटर, प्रसून जोशी पर उठाए सवाल

संजय लीला भंसाली के ड्रीम प्रोजेक्ट पद्मावती को लेकर अब तक विवाद थम नहीं सका है.

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पद्मावती पद्मावती

ऋचा मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 01 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 9:23 AM IST

संजय लीला भंसाली के ड्रीम प्रोजेक्ट पद्मावती को लेकर अब तक विवाद थम नहीं सका है. सेंसर के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी के सेंसर सवाल उठाने के बादविरोध के दायरे में अब सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी भी आ गए हैं. चितौड़ की रानी पद्मावती के वंशज और मेवाड़ के पूर्व राजघराने ने केंद्रीय सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को निशाना साधा है. मेवाड़ के पूर्व राजघराने के प्रमुख महेंद्र सिंह मेवाड़ ने सेंसर बोर्ड पर उन्हें अंधेरे में रखने का आरोप लगाया है.

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महेंद्र सिंह ने केंद्रीय प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को इस संबंध में एक पत्र लिखकर अपनी नाराज़गी व्यक्त की है. अपने पत्र में सिंह ने लिखा है, ''सेंसर बोर्ड ने फिल्म को हरी झंडी देने में जिस तरह से ज़ल्दबाजी में कदम उठाए हैं, उससे बोर्ड की साख़ पर ही सवाल खड़े हो गए हैं.

पत्र में आगे लिखा है, 'पहले छह लोगों को फ़िल्म दिखाने की बात कही गई थी, लेकिन बोर्ड ने गैर ज़रूरी हड़बड़ाहट दिखाई और सिर्फ़ तीन लोगों को ही फ़िल्म का अवलोकन करवाया. बोर्ड ने इस रिव्यू के बाद यह माहौल बनाया कि जैसे इन तीन लोगों के पैनल ने फ़िल्म पर रज़ामंदी की मुहर लगा दी है, जबकि तथ्य इसके विपरीत हैं.' महेंद्र सिंह का कहना है कि उनके पुत्र विश्वराज सिंह ने केंद्रीय सेंसर बोर्ड को लेटर भेजकर फ़िल्म को लेकर कुछ सवालों का जवाब मांगा था. लेकिन सेंसर ने उसे पूरी तरह से अनदेखा कर दिया. 

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बता दें संजय लीला भंसाली की बहुप्रतिक्षि‍त फिल्म पद्मावती को सेंसर बोर्ड ने कुछ बदलाव के साथ हरी झंडी दे दी थी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ रिव्यू कमेटी ने फिल्म के टाइटल 'पद्मावती और घूमर डांस पर आपत्ति जताई और इसे बदलने की सलाह दी. सूत्रों के मुताबिक़ इसे मान लिया गया है. सूत्रों ने यह भी बताया कि बोर्ड फिल्म को UA सर्टिफिकेट देने पर राजी है. निर्माताओं को फिल्म में डिस्क्लेमर भी डालना होगा. 

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