मैं भंसाली का हीरो, मुझे असुरक्षित कहने का कोई फायदा नहीं: शाहिद

शाहिद कपूर का कहना है कि उन्हें खुशी है कि वो भंसाली के हीरो बन गए हैं, उन्हें असुरक्षित कहने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.

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पद्मावत में शाहिद कपूर पद्मावत में शाहिद कपूर

स्वाति पांडे

  • मुंबई,
  • 05 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 10:51 PM IST

'पद्मावत' के रिलीज के बाद शाहिद कपूर के एक के बाद एक कमेंट आ रहे हैं. पहले उन्होंने बयान दिया था कि वो अलाउद्दीन खिलजी का रोल रणवीर सिंह से अच्छा कर सकते थे. अब उन्होंने कहा है कि मैं भंसाली की फिल्म का हीरो हूं और सबसे अच्छी बात यही है.

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा- '10 साल बाद जब मेरे पास फिल्मों की लाइब्रेरी होगी, जो मैं अपने परिवार और बच्चों के साथ शेयर करूंगा, उसमें पद्मावत भी होगी. मैं भंसली फिल्म का हीरो हूं. सब अच्छा है. बाकी इतिहास है. एक लाइन यहां लिखा जा रहा है, एक आर्टिकल वहां लिखा जा रहा है. कोई आपके लिए विचार बना रहा है तो कोई कहा रहा है कि आप असुरक्षित है. इन सब से मैं पीछे नहीं हटने वाला.'

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उनसे पूछा गया कि दो हीरो वाली फिल्म 'पद्मावत' में काम कर के कैसा लगा? इस पर उन्होंने कहा- 'आजकल ऐसी बहुत कम ऐसी फिल्में लिखी जा रही हैं, जो दो हीरो के लायक हैं. अगर किसी में क्वालिटी कटेंट लिखने की काबिलियत है तो दो हीरो इसे करना चाहेंगे. कितने पद्मावत आज बनाए जा रहे हैं? उड़ता पंजाब की स्क्रिप्ट भी बहुत अच्छी थी और उसकी स्टार कास्ट भी तगड़ी थी. हां, फिल्म के लिए कास्ट करने में 1 साल का समय लग गया था. दिलजीत (दोसांझ) पंजाब में बहुत बड़े स्टार हैं.'

'कौन कहता है कि एक्टर्स दो हीरो वाली फिल्म नहीं कर सकते? आप गलत इंसान से पूछ रहे हैं क्योंकि मैंने किया है. पद्मावत के स्टार्स ने किया है. स्मार्ट च्वाइस से करियर अच्छा बनता है.'

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