साड्डा कुत्ता के कंपोजर यशराज मुखाटे बोले- शहनाज गिल में अब काफी ठहराव आ गया

डायलॉग कंपोजर यशराज मुखाटे ने हाल ही में शहनाज गिल संग अपना म्यूजिक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो के अंत में शहनाज की एंट्री फैंस को सरप्राइज कर देती है. बता दें, इस वीडियो को शूट करने में महज दो घंटे लगे हैं. इसके वीडियो मेकिंग और शहनाज से मुलाकात पर यशराज हमसे ढेर सारी बातचीत करते हैं.

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शहनाज गिल-यशराज मुखाटे शहनाज गिल-यशराज मुखाटे

नेहा वर्मा

  • मुंबई,
  • 26 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 1:27 PM IST
  • शहनाज गिल संग काम करने पर बोले यशराज मुखाटे
  • कहा, बबली शहनाज में अब काफी ठहराव है आया

लॉकडाउन के दौरान डायलॉग म्यूजिक कंपोजर यशराज मुखाटे काफी चर्चा में रहे थे. यशराज रसौड़े में कौन था, टॉमी कुत्ता जैसे वायरल वीडियोज के लिए पहचाने जाते हैं. यशराज ने हाल ही में एक बार फिर शहनाज गिल संग एक वीडियो बनाया है, जो बिग बॉस के दौरान की है. इसमें शहनाज के डायलॉग को दोबारा म्यूजिक फॉर्म दिया है.

सच ए बोरिंग डे नाम के इस वीडियो की खास बात यह है कि इसके आखिर में शहनाज और यशराज दोनों ही एक्ट करते नजर आते हैं. इस वीडियो की मेकिंग पर यशराज आजतक डॉट कॉम से बात करते हुए कहते हैं, मैंने ट्रैक पहले ही बना दिया था. मैंने सोचा कि इस बार इसमें थोड़ा म्यूजिक के साथ लिरिक्स भी डाल दूं. ट्रैक बनने के बाद मैंने शहनाज को कॉल कर पूछा कि क्या वे इससे जुड़ना चाहेंगी. मैं चाहता था कि वो एक्टिंग के साथ-साथ गाना भी गा दें. वो फौरन मान भी गईं. उन्होंने ऑडियो रेकॉर्ड उन्हें भेजा, मैं ट्रैक बनाकर मुंबई पहुंच गया था. वहां हमने वीडियो का सेकेंड पार्ट शूट किया.

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मेटिडेशन ने शहनाज को बदला है 

यशराज शहनाज संग अपना शूटिंग एक्स्पीरियंस शेयर करते हुए कहते हैं, बहुत ही अच्छा रहा. मैं शहनाज से पहले भी मिल चुका हूं. उस दौरान मैं उनका इंटरव्यू करने पहुंचा था. यह हमारी दूसरी मुलाकात थी. इस बार मुझे शहनाज थोड़ी अलग लगीं. वे अब मेडिटेशन करती हैं, वो अपने काम को बड़े ही शि‍द्दत से कर रही है. उनमें ठहराव आ गया है, इसके साथ ही बहुत गहराव भी आया है. शूटिंग के बाद उन्होंने काफी बातचीत की. वो लाइफ और फिलॉसिफी के बारे में बात ज्यादा करती है. उसने मुझे भी मेडिटेशन को लेकर कुछ टिप्स दिए हैं. शहनाज के अंदर वो पॉजिटिविटी अब भी बरकरार है, सेट पर उन्हें देखकर उनका टीम वाले खुश हो जाता है.

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टॉमी वीडियो पर भी हुई शहनाज से चर्चा

इस दौरान शहनाज और मेरी अच्छी बॉन्डिंग रही. हमने पिछले टॉमी वाले वीडियो पर खुलकर बातचीत की. इसके साथ ही मैं पहली बार एक्टिंग कर रहा था, तो वो मुझे टिप्स दे रही थीं. वो गाइड कर रही थी कि आप ऐसा करोगे, तो इंट्रेस्टिंग लगेगा, लोगों को देखने में मजा आएगा. शहनाज ने मुझसे बेझिझक कहा कि आप न सही से एक्टिंग नहीं कर रहे हो. उन्होंने मुझसे एक्टिंग करवाई है. पांच री-टेक करने के बाद फाइनली वो मेरी एक्टिंग से कन्विंस हुई. हमने दो से तीन घंटे शूट किया. इस बीच हमने बिरियानी खाई और फिर शाम को मेरी फ्लाइट थी.

शहनाज और फैंस के लिए एक वीडियो तो बनता है

जब मैंने टॉमी कुत्ते वाला वीडियो अपलोड किया था, तो मुझे नहीं पता था कि लोगों को इतना पसंद आएगा. मैंने दोबारा शहनाज वाला वीडियो इसलिए बनाया क्योंकि मुझे लगता है कि शहनाज और उनके फैंस के बीच की जो बॉन्डिंग है, वो कमाल की है. शहनाज के फैंस दुनिया के सबसे लॉयल फैंस में से एक हैं. तो मैं चाहता था कि उनकी बॉन्डिंग पर यह वीडियो तो बनना ही चाहिए था.

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अब थोड़ा प्रेशर महसूस होता है

मैं वीडियोज तो एक लंबे समय से बना रहा था लेकिन पॉपुलर व वायरल होने के बाद मेरे अंदर थोड़ी टेंशन बढ़ी है. अब मैं बहुत प्रेशर फील करता हूं इसलिए मैं अब काफी अंतराल में वीडियो पेश करता हूं.  काफी वीडियोज बनाए हैं जिसे मैंने अपलोड नहीं किया है. मुझे लगता है कि लोगों की उम्मीदें इतनी बढ़ जाती हैं कि आप फिर आप हर वक्त इस डर में रहते हो कि कहीं कुछ गड़बड़ हुआ, तो फिर लोग जज करने लगेंगे. मैं कॉमेंट्स, व व्यूवर्स को देखकर अंदाजा लगा लेता हूं कि वीडियो को क्या रिस्पॉन्स मिल रहा है. हालांकि अब मैं यह भी सीख रहा हूं कि कैसे इन सब चीजों का सामना किया जाए. इसलिए अब क्वांटिटी नहीं बल्कि क्वालिटी पर जोर देता हूं.

दो महीने मुंबई में रहा, लगा बस की नहीं 

मैं अब भी औरंगाबाद में ही रहता हूं. लॉकडाउन के दौरान जब वीडियोज वायरल होने लगे, तो कई बड़े लोगों ने नोटिस किया था. इसका फायदा यह हुआ है कि बॉलीवुड के लिए अब एक्सेस मेरे लिए आसान हो गया है. अब लोग मेरे काम को देखते हैं और सुनते हैं. डायरेक्टर्स मुझसे बात करते हैं और प्रॉसेस पर भी चर्चा होती है. मैंने सोचा था बीच में कि मुंबई चला जाऊं फिर लगा कि अब सबकुछ यहां से संभव है, तो क्यों नहीं मैं यहीं से अपना काम करता रहूं. वैसे कुछ साल पहले मैं मुंबई करियर बनाने गया था, दो महीने अपार्टमेंट में रहा लेकिन बात नहीं बनी थी. मैं यहां से जितने लोगों का नंबर लेकर गया था, किसी ने मेरा फोन नहीं लिया था. वहां मैं दो महीने भटका था. इसके अलावा फाइनैंसियल दिक्कतें भी रहीं, एक छोटे से स्टूडियो अपार्टमेंट में दो महीने रहने के बाद एहसास हुआ कि घर वापसी कर लेनी चाहिए. ताकि मैं अपने छोटे शहर में खुलकर काम कर सकूं.

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