रूबी भाटिया भारत की पहली वीजे (VJ) के तौर पर जानी जाती हैं. 1990s में उनका करियर पीक पर था. उन्हें घर-घर में खास पहचान मिली. मिस इंडिया कनाडा बनने के बाद रूबी मुंबई आ गई थीं और उन्हें बहुत जल्दी फेम-नेम मिल गया था. लेकिन करियर के शिखर पर पहुंचने के बाद उन्होंने चकाचौंध की इस दुनिया को अलविदा कह दिया. संन्यासी बनकर वो साधारण लाइफ जीने लगीं.
रूबी भाटिया की बदली जिंदगी
'वेरी इंटरेस्टिंग पॉडकास्ट' संग बातचीत में रूबी ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में ही उन्होंने जिंदगी के मायने ढूंढने शुरू कर दिए थे, जिसका उनकी लाइफ के हर बड़े फैसले पर असर पड़ा.
अपनी जर्नी के बारे में बात करते हुए रूबी बोलीं- 18 साल की उम्र में, मैंने संन्यास ले लिया था. मैंने तय किया था कि मुझे इस जिंदगी से कुछ नहीं चाहिए. मैं महत्वाकांक्षी थी और मुझे लगा था कि सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा जो कोई रख सकता है, वो 'मोक्ष' है. उस उम्र में भी मुझे महसूस हुआ कि जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद मोक्ष है. इसलिए मैं आध्यात्मिकता की ओर मुड़ गई थी. मैंने फिलोसोफी का अध्ययन करना शुरू कर दिया था.
लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि जब रूबी संन्यास लेने की ओर बढ़ रही थीं, तभी अचानक उन्हें शोहरत, पहचान और सक्सेस मिलने लगी, जैसे किस्मत के उनके लिए कुछ और ही प्लान्स थे. इस बारे में बात करते हुए रूबी ने बताया- 20 साल की उम्र में मैं भारत आई थी और मुझे रातोरात सक्सेस मिल गई. यह बहुत अजीब था. मैंने सब कुछ त्याग दिया था और फिर भी मुझे सब कुछ मिल गया था.
शादी ने दिया दर्द
22 साल की उम्र में रूबी ने सिंगर नितिन बाली से शादी कर ली थी. लेकिन ये शादी उनकी जिंदगी में खुशियों की जगह तूफान लेकर आई. कुछ टाइम बाद ही उनका तलाक हो गया था. वो बोलीं- 22 साल की उम्र में मेरी शादी हो गई थी. फिर दो से तीन साल में ही मेरा तलाक हो गया था, क्योंकि मैं इसके लिए तैयार नहीं थी.
तलाक के बाद रूबी ने इस्कॉन से जुड़कर खुद को आध्यात्मिकता में और भी गहराई से डुबो दिया था. इस बारे में उन्होंने कहा- लगभग 25 साल की उम्र में, मैं इस्कॉन से जुड़ी और पांच-छह सालों तक बहुत खुश रही. मैं उस सारी भक्ति को अपने शोज में ले जाती थी और जैसे ही काम खत्म होता था. मैं वापस इस्कॉन लौट जाती थी. वहां खुद को रिचार्ज करती थी. इस बैलेंस से मुझे बहुत फायदा हुआ.
परिवार ने बनाया प्रेशर
रूबी आगे बोलीं- मेरा परिवार मेरे लिए चिंतित हो गया था. उन्हें लगा था कि मैं भक्ति में बहुत ज्यादा डूब रही हूं और वो लगातार मुझसे शादी और बच्चों के बारे में पूछते रहते थे. आखिरकार, मुझे इस्कॉन छोड़ना पड़ा, जो मेरे लिए बहुत दर्दनाक था. इस्कॉन छोड़ने के बाद मेरा ब्रेकडाउन हो गया था. मेरे पास नाम, शोहरत सब था, लेकिन मैं खुश नहीं थी.
रूबी भाटिया ग्लैमर लाइफ से दूर होकर सादगी से जिंदगी गुजार रही हैं. वो लाइफ कोच बन गई हैं. वो लोगों को जिंदगी को बैलेंस करने और खुशियां ढूंढने में मदद करती हैं. रूबी ने साल 2009 में अजित दत्ता संग दूसरी शादी कर ली थी. वो पति संग खुशहाल जिंदगी जी रही हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क