असम की फिल्ममेकर रीमा दास ने फिर ऊंचा किया इंडियन सिनेमा का नाम, बच्चों की फिल्म से किया इंटरनेशनल कमाल

रीमा दास ने एक बार फिर इंटरनेशनल मंच पर भारत का नाम रोशन किया है. बर्लिन फिल्म फेस्टिवल 2026 में ‘नॉट अ हीरो’ को क्रिस्टल बीयर में स्पेशल मेंशन मिला. बच्चों की संवेदनशील कहानी कहने में माहिर रीमा इंटरनेशनल मंचों पर इंडियन सिनेमा का नाम लगातार ऊंचा करती रही हैं.

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रीमा दास की 'नॉट अ हीरो' ने किया इंटरनेशनल कमाल (Photo: Instagram/@sukanyaboruah99) रीमा दास की 'नॉट अ हीरो' ने किया इंटरनेशनल कमाल (Photo: Instagram/@sukanyaboruah99)

सुबोध मिश्रा

  • नई दिल्ली ,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

फिल्ममेकर रीमा दास की जर्नी देखकर लगता है जैसे वो इंटरनेशनल मंच पर इंडियन सिनेमा का झंडा गाड़ने के मिशन पर हैं. असम से आने वालीं रीमा ने 2018 में तब लोगों का ध्यान पहली बार खींचा था, जब बच्चों पर बनी उनकी फिल्म 'विलेज रॉकस्टार्स' (2017) ने एक साथ 4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीते थे. बच्चों को लेकर शानदार फिल्में बनाने वालीं रीमा अब तक 50 से ज्यादा नेशनल-इंटरनेशनल अवॉर्ड जीत चुकी हैं. अब उनकी नई चिल्ड्रेन्स फिल्म 'नॉट अ हीरो' ने एक बार फिर इंटरनेशनल मंच पर इंडियन सिनेमा का नाम ऊंचा किया है.

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बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में रीमा की फिल्म का कमाल
रीमा की लेटेस्ट फीचर फिल्म 'नॉट अ हीरो' ने बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में एक खास अवॉर्ड जीता है. फिल्म फेस्टिवल के बड़े अवॉर्ड्स में से एक क्रिस्टल बीयर अवॉर्ड में रीमा की फिल्म को स्पेशल मेंशन से सम्मानित किया गया है. 'नॉट अ हीरो' को इस अवॉर्ड की जेनरेशन प्लस कैटेगरी में कॉम्पिटीशन के लिए चुना गया था.

इस कैटेगरी में वो फिल्में शामिल होती हैं जो बच्चों और यंग ऑडियंस के लिए होती हैं और उनके संसार से कनेक्ट करती हैं. ये अवॉर्ड इसलिए खास है क्योंकि दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सिनेमा इवेंट्स में से एक बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में इंडियन फिल्मों की मौजूदगी बहुत दमदार नहीं रही है. लेकिन रीमा यहां भारत की मौजूदगी दमदार तरीके से दर्ज कराती रही हैं. रीमा की पिछली फिल्म 'बुलबुल कैन सिंग' को भी क्रिस्टल बीयर के जेनरेशन 14 प्लस सेक्शन में स्पेशल मेंशन मिला था. रीमा इस फिल्म फेस्टिवल की ज्यूरी में भी रह चुकी हैं.

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क्या है 'नॉट अ हीरो' की कहानी?
रीमा की ये फिल्म एक बच्चे मिवान की कहानी है, जिसे अपनी मां के साथ शहर छोड़कर अपने पैतृक गांव लौटना पड़ता है. इस बदले लैंडस्केप में अपनी कमजोरियों, बदलते माहौल, लोकल बच्चों और अपनी ताकत को पहचानते हुए ये लड़का कैसे अपनी आइडेंटिटी पाता है, फिल्म में यही कहानी है. भुवन भार्गव दास फिल्म में लीड रोल निभा रहे हैं और उनके साथ सुकन्या बरुआ भी महत्वपूर्ण किरदार में हैं. बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को अवॉर्ड मिलने के समय ये दोनों भी रीमा के साथ मौजूद थे.

इंटरनेशनल मंच पर इंडियन सिनेमा का दमदार नाम हैं रीमा
रीमा की नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्म 'विलेज रॉकस्टार्स' 2019 के ऑस्कर अवॉर्ड्स में भारत की ऑफिशियल एंट्री भी थी. इस फिल्म ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में भारतीय सिनेमा का नाम ऊंचा किया था. रीमा की 'बुलबुल कैन सिंग' भी बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल समेत करीब 14 इंटरनेशनल अवॉर्ड लेकर आई थी. इसने भी इंडिया में नेशनल अवॉर्ड जीता था.

उनकी अगली फिल्में 'तोराज़ हसबैंड' (2022) और 'विलेज रॉकस्टार्स 2' (2025) ने भी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में जलवा दिखाया और कई अवॉर्ड जीते. अब 'नॉट अ हीरो' के साथ रीमा इस साल की दमदार शुरुआत कर चुकी हैं. ये फिल्म अभी इंडिया में रिलीज नहीं हुई है, लेकिन सिनेमा लवर्स इसे अभी से इस साल के नेशनल अवॉर्ड्स के लिए दमदार कैंडिडेट मान रहे हैं.

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