कहते हैं कि जो जादू एक बार चल जाए, वो जरूरी नहीं कि हर बार लोगों पर असर करे. फिल्मों में अक्सर ये कहावत सीक्वल्स पर फिट बैठती है. ऐसी कई आइकॉनिक फिल्में रही हैं, जिनके सीक्वल्स को बनाया गया. मगर उनमें पहली फिल्म जैसा जादू गायब दिखा. बीते दिन थिएटर्स में एक और आइकॉनिक फिल्म का सीक्वल लगा है, जिसमें पहली फिल्म जैसा मजा दिलाने की कोशिश की गई.
हॉलीवुड की दिग्गज कलाकार मेरिल स्ट्रीप, ऐनी हैथवे और एमिली ब्लंट की सबसे आइकॉनिक फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा' का सीक्वल आया है. इसका पहला पार्ट आज से 20 साल पहले यानी 2006 में आया था, जो वक्त के साथ-साथ कल्ट का स्टेटस पा चुकी है. जब इसके सीक्वल की अनाउंसमेंट की गई, तो विदेशी फैंस के साथ-साथ हम इंडियन्स के अंदर भी इसे लेकर एक्साइटमेंट पैदा हुई. अब चूंकि 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' थिएटर्स में लग गई है, तो कई लोग इसे देखने का मन बना रहे होंगे. आइए आपको बताते हैं कि क्या ये आपको पहली फिल्म जैसा एंटरटेन करती है या नहीं.
कितनी बदली मिरांडा-एंडी की कहानी?
फिल्म की कहानी इसके पहले पार्ट से कई सालों बाद शुरू होती है. रनवे मैगजीन छोड़ने के बाद, एंडी सैक्स (ऐनी हैथवे) एक सक्सेसफुल जर्नलिस्ट बन गई है. उसे अपने काम के लिए सम्मानित किया जाता है, लेकिन एक दिन उसे अपने बाकी साथियों के साथ अचानक नौकरी से निकाल दिया जाता है. दूसरी तरफ रनवे मैगजीन की चीफ एडिटर और 'खडूस' बॉस मिरांडा प्रीस्टली (मेरिल स्ट्रीप) मुसीबत में फंस जाती है. उनकी मैगजीन बंद होने की कगार पर है. बेरोजगार एंडी को एक दिन रनवे मैगजीन के सीईओ से जॉब ऑफर मिलता है, जो उसे उसकी कंपनी बचाने के लिए हायर करता है.
करीब 20 साल बाद एंडी और मिरांडा की मुलाकात होती है. मिरांडा, एंडी से अनजान बनने का नाटक करती है. मगर मिरांडा के साथ मौजूद नाइजल (स्टैनली टुची) उसे बताता है कि एंडी वहां पहले काम कर चुकी हैं. इसी बीच एंडी की मुलाकात उसकी पुरानी कलीग एमिली (एमिली ब्लंट) से होती है, जो अब एक दूसरी फैशन कंपनी में काम करती है. एंडी के लिए रनवे मैगजीन को बचाना काफी मुश्किल हो जाता है क्योंकि उसे फिर से अपनी खडूस बॉस मिरांडा के साथ काम करना है. ऐसे में क्या वो डूबते रनवे मैगजीन को बचा पाती है या नहीं, यही इस सीक्वल की कहानी है.
जबरदस्त है जुगलबंदी, मगर फीकी थी कहानी
द डेविल वियर्स प्राडा 2 फिल्म में मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे की जोड़ी ने वही काम करने की कोशिश की, जो वो पहले पार्ट में कर चुकी थीं. मिरांडा का बॉसी नेचर और एंडी का उसके नखरों से जूझना, ये सब इस सीक्वल में भी थोड़ा बहुत नजर आता है. लेकिन इस बार मिरांडा के किरदार में वो धार नहीं, जो पहले पार्ट में नजर आई थी. मेरिल स्ट्रीप का किरदार जिस चीज के लिए आइकॉनिक बना था, वो इस सीक्वल में गायब सा लगा.
कहानी भी फीकी लगती है. डायरेक्टर डेविड फ्रैंकल ने कोशिश की थी कि वो मिरांडा, एंडी और एमिली के किरदारों के ग्रोथ को दिखाएं, मगर वो उसमें नाकाम साबित हुए हैं. द डेविल वियर्स प्राडा फिल्म की खासियत थी कि इसके डायलॉग्स और कॉमेडी बड़ी जबरदस्त थी. मिरांडा के वन-लाइनर्स आज भी ऑफिस कल्चर में इस्तेमाल किए जाते हैं. लेकिन सीक्वल में वैसा एक भी सीन या डायलॉग नहीं था, जो बाद में याद रह सके. इस फिल्म को देखकर ऐसा लगा कि माने मेकर्स ने इसे सिर्फ नॉस्टेल्जिक फैक्टर के लिए बनाया है.
यहां देखें ट्रेलर:
जबरदस्त है एक्टिंग
फिल्म में कहानी और डायलॉग्स भले ही मजेदार ना हो, मगर सभी एक्टर्स का काम काफी अच्छा है. मेरिल स्ट्रीप ने एक बार फिर बताया है कि आखिर क्यों उन्हें अभी तक ऑस्कर के लिए सबसे ज्यादा बार नॉमिनेट गया. ऐनी हैथवे भी अपनी खूबसूरती, एक्टिंग और मासूमियत से आपके दिल को छू जाएंगी. एमिली ब्लंट और स्टैनली टुची को भी जो काम फिल्म में दिया गया, उन्होंने उसे काफी अच्छे से निभाया. इनके अलावा, फिल्म में और भी कई सितारों कैमियो हैं जो आपको सरप्राइज कर सकते हैं.
कुल मिलाकर अगर आप द डेविल वियर्स प्राडा फिल्म के पक्के वाले फैन रहे और एक नॉस्टेल्जिक फैक्टर के लिए इसके सीक्वल को देखने का प्लान कर रहे हैं, तो आप इसे एक बार जरूर देख सकते हैं. मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे आपको निराश तो नहीं करेंगे, बस इस फिल्म से ज्यादा उम्मीदें लेकर ना जाएं, तो बेहतर है.
पर्व जैन