सिनेमा में हॉरर फिल्मों को देखना एक अलग ही थ्रिल माना जाता है. वो जंप स्केयर और लोगों का चीखना-चिल्लाना बड़े पर्दे पर देखना में काफी मजेदार होता है, बशर्ते कुछ लोगों के लिए ही. कई हॉरर फिल्में सिर्फ डायरेक्टर की कल्पना से बनती हैं. मगर कुछ फिल्में उनमें से असल जिंदगी से प्रेरित रहती हैं. हॉलीवुड की द कॉन्ज्यूरिंग मूवी सीरीज रियल लाइफ कपल पर बेस्ड रही, जो घरों से भूत या प्रेत आत्माओं को भगाने का काम करते थे.
भूत-प्रेत की सच्ची घटना
हालांकि एक फिल्म ऐसी रियल लाइफ घटना पर बनी, जिसके बारे में शायद कई लोगों को नहीं पता होगा. आज से 20 साल पहले आई द एक्सॉर्सिज्म ऑफ एमिली रोज, एक ऐसी फिल्म थी जो सुपरनैचुरल हॉरर के साथ-साथ कोर्ट रूम ड्रामा भी थी. कहा जाता है कि इसकी कहानी एक जर्मन लड़की एनालिस मिशेल पर बेस्ड थी, जिसकी 23 साल की उम्र में ही मौत हो गई थी.
एनालिस मिशेल की कहानी भूत-पिशाच में यकीन ना रखने वालों को चैलेंज करती है. एनालिस का जन्म 1952 में एक ईसाई परिवार में हुआ था. सबका अपने भगवान पर पूर्ण विश्वास था. लेकिन 1968 में जब एनालिस 16 साल की हुईं, तब उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई. वो लगातार बीमार रहनी लगीं और हमेशा अजीब चीजें करने और आवाज सुनने की शिकायत करने लगतीं.
डॉक्टर्स-पादरी भी हुए फेल
जब एनालिस को डॉक्टर के पास ले जाया गया, तो सभी को लगा कि उन्हें एपिलेप्सी यानी मिर्गी आई है. वो ना तो ठीक से हंस पाती, ना रो पाती और ना खाना खातीं. एनालिस की बिगड़ी हालत ने उनके परिवार को भी परेशान कर दिया था. कुछ समय बाद उन्होंने उनका ट्रीटमेंट भी बंद करा दिया क्योंकि उन्हें भरोसा हो गया था कि एनालिस के ऊपर किसी बुरी आत्मा का साया पड़ गया है. लेकिन उन्हें क्या पता था कि बच्ची के शरीर पर एक नहीं, छह शैतानी आत्माओं ने कब्जा कर लिया था.
इंटरनेट पर एनालिस के कई सारे वीडियो मौजूद हैं, जिनमें आप उन छह आत्माओं का आंतक सुन सकते हैं. अपनी बच्ची को ठीक करने के लिए, परिवार ने कई चीजों का सहारा लिया, जिसमें से एक एक्सॉर्सिज्म यानी झाड़-फूंक भी था. एनालिस को कई सारे चर्च में ले जाकर उनपर एक्सॉर्सिज्म की प्रक्रिया शुरू कराई गई. कई बड़े पादरी ने उनका झाड़-फूंक किया, मगर वो एनालिस के अंदर से उन 6 शैतानी आत्माओं को नहीं निकाल पाए. बताया जाता है कि एनालिस पर ये प्रक्रिया करीब 67 बार की गई, लेकिन उसका उनपर कोई असर नहीं हुआ.
यहां देखें वो खौफनाक वीडियो:
एनालिस के अंदर थी हिटलर की आत्मा
कहा जाता है कि एनालिस के अंदर ‘लूसिफर', ‘कैन', ‘जूडस इस्कैरियट', ‘एडोल्फ हिटलर', ‘नीरो' और ‘फ्लेशमैन' की आत्माएं आ गई थीं. लेकिन डॉक्टर्स ने आजतक इस दावे की पुष्टि नहीं की, ना ही एनालिस के अंदर आई आत्माओं वाली बात स्वीकार की. एनालिस को झाड़-फूंक के दौरान मोटी-मोटी चेन से बांधा जाता था, क्योंकि वो एक समय पर काफी हिंसक हो चुकी थीं. एनालिस ने ये सबकुछ करीब 7 साल तक सहन किया.
करीब एक दशक तक लोग उनसे डरते रहे. मौत से ठीक एक दिन पहले 30 जून को एनालिस का झाड़-फूंक किया गया. लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके बाद एनालिस खुद थक गईं और अपने मरने की इच्छा उन्होंने खुद जाहिर की. 1 जुलाई,1976 को एनालिस ने अपनी अंतिम सांस ली. उनकी कहानी आज भी लोगों को डराती है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क