'चिकनी चमेली' गाने को लेकर श्रेया घोषाल का बड़ा बयान, बोलीं- अब वैसे गाने रिकॉर्ड नहीं करूंगी

श्रेया घोषाल ने अपने सुपरहिट गाने 'चिकनी चमेली' गाने पर हुए बैकलैश पर बात की, लेकिन इसी तरह के गाने रिकॉर्ड न करने का फैसला किया. सिंगर ने कहा कि यह हिट गाना उनका है, लेकिन अब वह लिरिक्स और ऑब्जेक्टिफिकेशन को लेकर ज्यादा सावधान हैं.

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सिंगर श्रेया घोषाल (Photo: ITG) सिंगर श्रेया घोषाल (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:12 PM IST

अपनी सुरीली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली सिंगर श्रेया घोषाल इन दिनों अपने एक पुराने सुपरहिट गाने 'चिकनी चमेली' को लेकर चर्चा में हैं. ये गाना साल 2012 में फिल्म अग्निपथ के लिए गाया था. अब उन्होंने भविष्य में ऐसे गाने रिकॉर्ड न करने का कड़ा फैसला लिया है.

दरअसल, श्रेया ने साफ किया है कि भले ही उन्होंने यह गाना गाया है और वो आज भी इसे कॉन्सर्ट में परफॉर्म करती हैं, लेकिन अब उन्होंने भविष्य में ऐसे गाने रिकॉर्ड न करने का कड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं और ट्रोलिंग पर भी श्रेया ने खुलकर अपनी बात रखी.

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श्रेया घोषाल ने क्या कहा?
श्रेया ने राज शमानी को दिए पॉडकास्ट में बताया कि 'चिकनी चमेली' की जबरदस्त सफलता के बाद उनके पास गानों की झड़ी लग गई थी, लेकिन उनमें से ज्यादातर गानों के बोल उन्हें काफी असहज करने वाले लगे. श्रेया ने शेयर कहा कि एक म्यूजिक कंपोजर दोस्त ने उन्हें कुछ ऐसी लाइनें सुनाईं जिनमें महिलाओं को वस्तु की तरह पेश किया जा रहा था. श्रेया कहती हैं, 'मुझसे कहा गया कि मैं ऐसी लाइनें गाऊं जैसे 'मुझे चिकन बना दो और खा जाओ' या 'मुझे ऐसे पकड़ो'. मुझे ये सुनकर ही इतनी शर्म आई कि मैंने तुरंत इन गानों को मना कर दिया. मुझे लगा कि मैं ऐसे शब्द कभी नहीं गा सकती.'

चिकनी चमेली पर कही ये बात
श्रेया ने स्वीकार किया कि जब उन्होंने 'चिकनी चमेली' रिकॉर्ड किया था, तब वह इतनी मैच्योर नहीं थीं कि हर शब्द का गहरा मतलब समझ सकें. उन्होंने बताया कि वह गाना ओरिजिनल ड्राफ्ट के मुकाबले काफी हल्का रखा गया था, फिर भी उसमें कई इशारे वाले शब्द थे. श्रेया का मानना है कि उम्र और अनुभव के साथ अब वह अपने म्यूजिक को लेकर बहुत सावधान हो गई हैं. वह जानती हैं कि एक बार गाना हिट हो जाए, तो उसे हर जगह, यहां तक कि बच्चों के सामने भी गाना पड़ता है, जो कभी-कभी काफी अजीब स्थिति पैदा कर देता है.

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जब उनसे ट्रोलिंग के बारे में पूछा गया, तो श्रेया ने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'मैंने वह गाना गाया है और मुझे वह पसंद भी है. उसे स्टेज पर परफॉर्म करने में मुझे कोई शर्म नहीं है क्योंकि वह मेरा काम है. लेकिन हां, अब मैं वैसे गाने रिकॉर्ड नहीं करना चाहती. यह एक ऐसा गाना है जो हमेशा मेरे साथ रहेगा, जिस पर आज छोटे बच्चे भी नाचते हैं. कभी-कभी स्टेज पर इसे गाते हुए मैं अपनी आंखें बंद कर लेती हूं, लेकिन मैं इसे नकार नहीं सकती क्योंकि यह मेरा ही गाना है.'

श्रेया घोषाल हुई इमोशनल
वहीं 2025 में लिली सिंह के साथ एक पिछली बातचीत में, घोषाल ने अपने गाए कुछ ज्यादा भड़काऊ गानों के बारे में बताया था. श्रेया ने एक बहुत ही गंभीर मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि 'सेंसुअल' होने और 'ऑब्जेक्टिफाइंग' (किसी को वस्तु समझना) होने के बीच एक बहुत पतली लकीर होती है. उन्होंने बताया कि जब वह छोटी बच्चियों को इन गानों पर नाचते या इन्हें गाते हुए देखती हैं, तो उन्हें बहुत बुरा लगता है. 

श्रेया ने इमोशनल होकर कहा, 'जब 5-6 साल की छोटी बच्चियां मेरे पास आकर कहती हैं कि उन्हें मेरा वह गाना बहुत पसंद है और वे उसे मेरे लिए गाना चाहती हैं, तो मुझे बहुत शर्मिंदगी होती है. उन्हें उन शब्दों का मतलब भी नहीं पता होता. एक कलाकार के तौर पर मुझे लगता है कि यह सही नहीं है.'
 

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