शरद केलकर एक वक्त टीवी शोज में छाए रहते थे. अपने करियर के ग्राफ को आगे बढ़ाते हुए वो फिल्मों और ओटीटी की तरफ गए. बाहुबली जैसी पैन इंडिया फिल्म में इसके लीड हीरो प्रभास की आवाज बने. करियर के पीक पर शरद ने 8 साल बाद टीवी पर कमबैक किया. सीरियल 'तुम से तुम तक' से वापसी की. लेकिन शो को इसकी स्टोरीलाइन की वजह से काफी ट्रोल किया गया.
ट्रोलिंग से नहीं पड़ता फर्क- शरद
सीरियल में 20 साल की एक्ट्रेस निहारिका चौकसे (अनु) को 49 साल के शरद केलकर (आर्यवर्धन) के प्यार में दिखाया गया. दोनों के बीच रोमांटिक सीन भी फिल्माए गए. शो में दिखाया गया कैसे उनके रिश्ते को समाज की चुनौतियों और इमोशनल स्ट्रगल से गुजरना पड़ता है. शो को जैसे ही अनाउंस किया गया, इसकी खूब आलोचना हुई. लेकिन शरद पर लोगों के निगेटिव कमेंट्स का कोई असर नहीं पड़ा. हाल ही में वैरायटी इंडिया से बात करते हुए शरद ने इस पूरे विवाद पर खुलकर बात की है.
वो कहते हैं- मुझे लगा कि मैं इस कहानी में फिट हूं. मैं अपनी उम्र के 40वें पड़ाव पर हूं, इसलिए मैं इससे रिलेट कर सकता हूं. मैं 40-45 साल के लोगों की मानसिकता को समझ सकता हूं. समाज में ऐसे भी कपल हैं जिनकी उम्र में बड़ा फासला है. फिर भी उनका रिश्ता सफल है. ये शो कोई बायोपिक नहीं है. इस तरह की लव स्टोरी बताने में लेखक का कॉन्सेप्ट और डायरेक्टर का तरीका मायने रखता है.
एक्टर से पूछा गया कि इंडियन टीवी पर ऐसी कहानियां आती रहती हैं. वो टीआरपी में भी रूल करते हैं. लेकिन यंग टीवी ऑडियंस ऐसी कहानियों से कनेक्ट नहीं कर पा रहे. इस पर रिएक्ट करते हुए शरद ने कहा- चैनल या शो मेकर्स दर्शकों की पसंद के हिसाब से शो बनाते हैं. इसके लिए काफी रिसर्च और एनालिसिस होता है. दर्शकों की पसंद समझने के बाद शो बनाने का प्रोसेस शुरू होता है. मुझे दुख होता है जब मैं देखता हूं कि टीवी राइटर्स को उनका हक नहीं मिल पाता. उन्हें लगातार मोटिवेट किया जाना चाहिए. ताकि वो क्रिएटिव में अपना बेस्ट दें. उनकी ओरिजिनल स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप होना दुखद है.
शरद केलकर का शो लोगों को काफी पसंद आ रहा है. अक्टूबर 2025 में शो ने 100वां एपिसोड सेलिब्रेट हुआ था. अटकलें थीं कि शरद शो के हाईएस्ट पेड एक्टर हैं. इस पर रिएक्ट करते हुए उन्होंने IANS से बात करते हुए कहा था- हां, मैं फीस लेता हूं. इसमें क्या गलत है? अगर कोई अच्छा कमाता है, तो लोगों को खुश होना चाहिए, जलना नहीं चाहिए. ये अचीवमेंट का साइन होता है. अगर एक्टर टीवी पर लौट रहा है, तो उसकी वैल्यू है. मेकर्स आपको नोस्टाल्जिया के लिए नहीं बुलाते, कुछ नया लाना पड़ता है.
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