रणबीर कपूर और नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' का टीजर आज 2 अप्रैल को मुंबई में रिलीज किया गया. जैसे ही यह टीजर ऑनलाइन रिलीज हुआ, सोशल मीडिया पर इसकी धूम मच गई और हर तरफ से लोगों के रिएक्शन आने लगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रामायण पर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि जपान में भी फिल्म बनाई गई थी.
जापान में बनाई गई रामायण का नाम 'रामायण: द लेजेंड ऑफ प्रिंस' था. 1993 में बनी इस रामायण को लेकर काफी विवाद हुआ था. जिस वजह से ये उस वक्त रिलीज नहीं हो सकी थी. हालांकि, पिछले साल 2025 को करीब 32 साल बाद इसे भारत में रिलीज किया गया था.
किसने डायरेक्ट की थी ये फिल्म?
'रामायण: द लेजेंड ऑफ प्रिंस' को जापानी फिल्ममेकर यूगो साका ने डायरेक्टर किया था. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जब यूगो साका पहली बार इंडिया आए तो रामायण ने उन्हें काफी प्रभावित किया. इसके बाद उन्होंने इसके 8 से 10 वर्जन पढ़े और फिर एनिमेटेड फिल्म बनाई. सबसे खास बात इस फिल्म की हिंदी डबिंग में 'टीवी के राम' अरुण गोविल ने राम के किरदार को आवाज दी थी.
एनिमेटेड फिल्म ही क्यों बनाई?
अब आपने मन में ये सवाल भी उठ रहा होगा कि यूगो साका ने इसे एनिमेटेड फॉर्मेट में बनाने का क्यों सोचा? दरअसल साका का मानना था कि भगवान राम एक ऐसी हस्ती हैं, जिन्हें कोई भी असली इंसान अपने शरीर से पूरी तरह से नहीं दर्शा सकता. जापान से आने वाले साको ने अपनी कहानी भारत में पेश की. भारत उस समय एनीमेशन के मामले में अभी शुरुआती दौर में था; यहां एनीमेशन को गहरी भक्ति के बजाय बच्चों वाले हल्के-फुल्के मजाक के लिए ज्यादा सही माना जाता था. इसलिए, उन्हें यहां काफी विरोध का सामना करना पड़ा.
खैर, आखिरकार, इस फिल्म को जापान में निजी तौर पर बनाया गया. मूलत: यह फिल्म अंग्रेजी में थी, जिसमें संस्कृत के गाने थे. राहुल बोस और साइरस ब्रोचा जैसे कलाकारों ने कुछ किरदारों को अपनी आवाज दी.
इसका प्रीमियर 1993 में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में हुआ और यह दूरदर्शन पर भी कुछ बार दिखाई गई. कई साल बाद, 1997 में फिल्म का हिंदी डब सीमित सिनेमाघरों में रिलीज हुआ - वह भी बिना किसी शोर-शराबे या प्रचार के.
भारत में नहीं हो पाई रिलीज
'रामायण: द लेजेंड ऑफ प्रिंस राम' को तब दुनिया भर में पहचान मिली, जब 1993 में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में इसका प्रीमियर हुआ. हालांकि, 1992 के बाबरी मस्जिद दंगों के बाद के अस्थिर राजनीतिक और सांप्रदायिक माहौल में, इसके जापानी प्रोडक्शन और हिंदू देवी-देवताओं के एनिमेटेड चित्रण को लेकर कुछ चिंताएं थीं. इस बात का भी खतरा था कि यह फिल्म भारत के धार्मिक ताने-बाने के साथ शायद ठीक से मेल न खाए. इसलिए भारत में ये तब रिलीज नहीं हो पाई.
फिल्म के बारे में और बात करें तो, इस प्रोजेक्ट में स्क्रीनराइटर वी. विजयेंद्र प्रसाद का रचनात्मक योगदान है, जिन्हें 'बाहुबली', 'बजरंगी भाईजान' और 'RRR' जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है. इसका डायरेक्शन कोइची सासाकी और राम मोहन ने किया था, और इसका संगीत वनराज भाटिया ने तैयार किया था.
2025 को हुई रिलीज
आखिरकार पिछले साल यानी 2025 को ग्रीक पिक्चर इंडिया ने (Geek Pictures India) ने AA Films और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर 'रामायण: द लेजेंड ऑफ प्रिंस रामा' को चार भाषाओं में रिलीज किया. अंग्रेज़ी, हिंदी, तमिल और तेलुगू. यह फिल्म 24 जनवरी, 2025 को पूरे भारत के सिनेमाघरों में पहली बार 4K फॉर्मेट में रिलीज हुई.
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