फिल्म 'मंटो', 'सेक्रेड गेम्स' और 'ट्रायल बाय फायर' में अपनी दमदार अदाकारी से लोहा मनवाने वाली एक्ट्रेस राजश्री देशपांडे आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. अपनी हर परफॉर्मेंस के लिए क्रिटिक्स और दर्शकों से भरपूर सराहना बटोरने के बावजूद राजश्री ने एक ऐसी सच्चाई बयां की है, जो फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े करती है.
उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि इतनी सफलता और अवॉर्ड्स मिलने के बाद भी उन्हें इंडस्ट्री में आज भी चुनौती भरे किरदारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. राजश्री के मुताबिक, फिल्म जगत में एक खास उम्र के बाद महिलाओं के लिए अच्छी कहानियों की कमी है.
सफलता के बाद भी अच्छी स्क्रिप्ट्स का इंतजार
'वैरायटी इंडिया' को दिए इंटरव्यू में राजश्री ने इस बात पर हैरानी जताई कि 'ट्रायल बाय फायर' जैसी बेहतरीन सीरीज के बाद भी उन्हें वैसी स्क्रिप्ट्स नहीं मिलीं, जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी. राजश्री ने बताया कि 'सेक्रेड गेम्स' की अपार सफलता के बाद उन्हें एक ही जैसे किरदारों के ऑफर मिलने लगे थे, लेकिन वह खुद को दोहराना नहीं चाहती थीं.
उन्होंने कहा, 'मैं उन घिसे-पिटे किरदारों से ऊब चुकी थी. मुझे किसी गैंगस्टर की पत्नी का रोल करने में दिक्कत नहीं है, लेकिन हर बार उस किरदार में कुछ नयापन और गहराई होनी चाहिए. मैंने तय किया था कि मैं खुद की पीआर (PR) या फैशन पर पैसे बर्बाद करने के बजाय अच्छे काम का इंतजार करूंगी और अपनी सेहत पर ध्यान दूंगी.'
महिलाओं के लिए किरदारों की कमी
43 साल की राजश्री ने भारतीय सिनेमा के एक कड़वे सच पर बात करते हुए कहा कि 35 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए लेखकों के पास पर्याप्त कहानियां नहीं हैं. उनके अनुसार, महिलाएं अपनी उम्र के 30वें और 40वें पड़ाव में जीवन के सबसे गहरे अनुभवों से गुजरती हैं, लेकिन अफसोस की बात यह है कि इन अनुभवों को पर्दे पर दिखाने वाली फिल्में बहुत कम बनती हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय फिल्ममेकर्स भी 'द क्राउन' या 'द फेवरेट' जैसी फिल्में और सीरीज बनाएंगे, जहां बड़ी उम्र की महिलाएं कहानी के केंद्र में हों.
'ट्रायल बाय फायर' की शानदार सफलता
बता दें कि राजश्री को उनकी सीरीज 'ट्रायल बाय फायर' के लिए फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड्स में 'सर्वश्रेष्ठ एक्ट्रेस' के सम्मान से नवाजा गया था. यह सीरीज साल 1997 के उपहार सिनेमा कांड की दुखद घटना पर आधारित थी, जिसमें राजश्री ने नीलम कृष्णमूर्ति का किरदार निभाकर सबको झकझोर दिया था. इस सीरीज में उनके साथ अभय देओल और अनुपम खेर जैसे मंझे हुए कलाकार भी नजर आए थे. इतनी बड़ी उपलब्धि के बाद भी राजश्री को अपनी अगली चुनौतीपूर्ण फिल्म 'बाप्या' ढूंढने में करीब दो साल का वक्त लग गया.
मराठी फिल्म 'बाप्या' के साथ लौट रही हैं राजश्री
राजश्री देशपांडे अब जल्द ही मराठी फिल्म 'बाप्या' (Baapya) के जरिए बड़े पर्दे पर वापसी करने वाली हैं. समीर तिवारी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में राजश्री एक बार फिर एक अलग और चुनौतीपूर्ण अवतार में नजर आएंगी. उनके साथ फिल्म में गिरीश कुलकर्णी और श्रीकांत यादव जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं. फिल्म 15 मई, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फिल्म के जरिए राजश्री एक बार फिर अपनी एक्टिंग का क्या जादू बिखेरती हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क