बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. वो 11 दिन से तिहाड़ जेल में सजा काट रहे थे, लेकिन अब उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई है. ये स्थाई राहत उन्हें अपनी भतीजी की शादी के नाम पर मिली है. वो 18 मार्च तक अंतरिम जमानत पर बाहर रह सकेंगे. राजपाल की रिहाई पर उनके मैनेजर गोल्डी ने अपडेट दिया है. उन्होंने बताया कि परिवार में कितनी खुशी का माहौल है. साथ ही बताया कि एक्टर जेल से बाहर आने के बाद अपने फैंस से खुद बात करेंगे.
1.5 करोड़ किए जमा
16 फरवरी को 1.5 करोड़ रुपये जमा करने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत दी गई. इस बात की पुष्टि उनके मैनेजर गोल्डी ने की. हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में उन्होंने कहा, “हां, यह सच है कि राजपाल सर को जमानत मिल गई है. यह हमारे लिए बहुत खुशी और राहत की बात है.”
जल्द करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
गोल्डी ने यह भी बताया कि राजपाल यादव जल्द ही इस मामले पर सार्वजनिक रूप से बात करेंगे. उन्होंने कहा, “वह एक-दो दिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और पूरे मामले पर अपनी बात रखेंगे. तब तक हम ज्यादा कुछ नहीं कह सकते.”
माना जा रहा है कि राजपाल खुद अपनी आपबीती अपने मुंह से सभी को बताएंगे. वो तिहाड़ में 11 दिन रह चुके हैं. उन्हें वहां कोई लग्जरी सुविधा नहीं मिली थी. एक्टर के साथ बाकी कैदियों जैसा ही सुलूक किया गया था.
इंडस्ट्री का सपोर्ट मिलने के सिर्फ दावे?
जेल जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने राजपाल का समर्थन किया. इससे पहले सोनू सूद, गुरमीत चौधरी और गुरु रंधावा जैसे कलाकार उनके सपोर्ट में सामने आए थे.
राजपाल के भाई ने दावा किया था कि सार्वजनिक वादों के बावजूद राजपाल यादव को कोई आर्थिक मदद नहीं मिली. लेकिन गोल्डी ने इन खबरों को गलत बताया. उन्होंने कहा, “नहीं, यह सही नहीं है. इंडस्ट्री के कई कलाकार और लोग आगे आए हैं और राजपाल जी की मदद की है.”
कैसे शुरू हुआ यह मामला?
साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए दिल्ली की कंपनी Murali Projects Pvt Ltd से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई और कर्ज बाकी रह गया. बाद में जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए.
मामला कानूनी रूप से बढ़ता गया और अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराया. उन्हें छह महीने की सजा सुनाई गई. 2019 की शुरुआत में सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की.
गिरफ्तारी की नौबत क्यों आई?
2024 में अदालत ने राजपाल यादव को बकाया राशि चुकाने के लिए गंभीर प्रयास करने का निर्देश दिया था. लेकिन फरवरी 2026 में बार-बार दिए गए आश्वासन तोड़ने के कारण अदालत ने उन्हें आत्मसमर्पण करने का आदेश दे दिया.
आत्मसमर्पण से पहले राजपाल ने भावुक होकर कहा था, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं और कोई उपाय नहीं दिखता.”
तिहाड़ जेल क्यों भेजा गया?
राजपाल यादव ने 5 फरवरी को आत्मसमर्पण किया था, क्योंकि वे 9 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुका पाए थे. इसके बाद अदालत के आदेश पर उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में भेज दिया गया था.
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