जैसे ही ‘आशिकी’ फिल्म फेम एक्टर राहुल रॉय और कंटेंट क्रिएटर डॉ. वनिता घाडगे देसाई के साथ वाले रील्स वायरल हुए, सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की बातें शुरू कर दीं. कहीं मजाक उड़ाया गया, कहीं मीम्स बने, तो कहीं लोगों ने चिंता जताई.
इसके बाद राहुल रॉय ने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट लिखकर अपनी आर्थिक परेशानियों, कानूनी मामलों और 2020 में हुए ब्रेन स्ट्रोक के बाद की जिंदगी के बारे में खुलकर बात की. कई सितारे उनके सपोर्ट में भी आए. लग रहा था कि मामला अब शांत हो जाएगा. लेकिन तभी डॉ. वनिता कैमरे के सामने आईं… और पूरी कहानी ही बदल गई.
वनिता अपने इंस्टाग्राम पर लगातार चार वीडियो पोस्ट किए. इन वीडियोज में उन्होंने सिर्फ ट्रोल्स को जवाब नहीं दिया, बल्कि लोगों की बनाई हुई पूरी कहानी को पलटकर रख दिया. उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़े कई निजी खुलासे किए और साफ बताया कि सच्चाई आखिर है क्या.
'मैं सड़क से उठाई गई कोई लड़की नहीं हूं'
पहले वीडियो में डॉ. वनिता ने बताया कि आखिर उन्हें सामने आकर सफाई क्यों देनी पड़ी. उन्होंने कहा- पिछले 10 दिनों से इंस्टाग्राम, यूट्यूब और गूगल पर जो भूचाल आया हुआ है, और राहुल रॉय सर के फैंस बार-बार कह रहे थे कि सामने आओ… इसलिए मुझे आना पड़ा ताकि सारी गलतफहमियां दूर हो जाएं.
इसके बाद उन्होंने सबसे बड़ा जवाब दिया- मैं सड़क पर चलने वाली कोई ऐसी लड़की नहीं हूं जिसे किसी ने यूं ही रील में ले लिया हो. वनिता ने समझाया कि लोग उन्हें सिर्फ 'वायरल होने वाली महिला' समझ रहे हैं, जबकि उनकी अपनी पहचान और उपलब्धियां हैं.
'मैंने राहुल रॉय को मौका दिया'
दूसरे वीडियो में डॉ. वनिता ने पूरा नैरेटिव ही पलट दिया. उन्होंने कहा कि लोग सोच रहे हैं राहुल रॉय ने उन्हें फेम दिलाया, लेकिन असल में उन्होंने राहुल रॉय को काम का मौका दिया. उन्होंने कहा- जब हम किसी के फैन होते हैं तो उनके गुण और कमियां दोनों पसंद होनी चाहिए. राहुल सर को बड़े पर्दे पर काम नहीं मिल रहा था, इसलिए मैंने उन्हें रील्स में काम करने का मौका दिया. मैं दुनिया को दिखाना चाहती थी कि वो आज भी कितने एवरग्रीन हैं.
उन्होंने राहुल रॉय की तारीफ करते हुए कहा कि 60 साल की उम्र में भी वो बेहद यंग लगते हैं, उनका अंदाज, एक्टिंग और सादगी आज भी वैसी ही है और उनमें बिल्कुल घमंड नहीं है.
'मुंबई की लाखों लड़कियों में उन्होंने मुझे चुना'
तीसरे वीडियो में डॉ. वनिता ने अपनी जिंदगी के सबसे निजी पहलुओं पर बात की. उन्होंने कहा- मुंबई में करोड़ों महिलाएं हैं, लेकिन उन सबको छोड़कर उन्होंने मेरे साथ रील्स बनाए. इसका मतलब मुझमें कुछ खास जरूर है. भले ही मैं छोटी हूं, मोटी हूं, सांवली हूं… लेकिन उन्हें मेरा व्यक्तित्व पसंद आया.
वनिता ने बताया कि ये पहली बार नहीं है जब लोगों ने उनके रंग-रूप पर सवाल उठाए हों. करीब 10 साल पहले जब उनका चयन दूरदर्शन में हुआ था, तब भी लोगों ने उनकी स्किन कलर और लुक्स को लेकर बातें की थीं. तब उनके मेंटर को उनके गोल्ड मेडल और पढ़ाई की उपलब्धियां दिखाकर लोगों को चुप कराना पड़ा था. उनके मुताबिक, आज सोशल मीडिया वही पुरानी कहानी दोहरा रहा है.
'लात मारकर सॉरी नहीं बोलते'
डॉ. वनिता ने अपने एक और वीडियो में यूजर्स की जमकर क्लास लगाई. और कहा कि अगर आप राहुल रॉय के असली चाहने वाले होते तो उन्हें ट्रोल नहीं करते. लात मारकर सॉरी नहीं बोला जाता. वो इंसान अभी-अभी बीमारी से उठा है. रील्स देखकर लाइक करते, अच्छे कमेंट करते. गाली नहीं देते. हम जब किसी के फैन बनते हैं- तो उसकी अच्छाई-बुराई सब अपनाते हैं. ये बात आप लोगों में नजर आई. राहुल रॉय सर के अंदर इतने अच्छे गुण हैं. हम एक दूसरे को 5 साल से जानते हैं.
'ब्रेन स्ट्रोक के बाद मैंने राहुल रॉय की मदद की'
पांचवे और सबसे इमोशनल वीडियो में डॉ. वनिता ने बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उनका रिश्ता सिर्फ कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है. वो बोलीं- मैं कभी ये बात बताना नहीं चाहती थी, लेकिन राहुल रॉय सर के ब्रेन स्ट्रोक के बाद मैंने उनकी मदद की है, आज भी कर रही हूं और जिंदगीभर करती रहूंगी.
उन्होंने कहा कि वो राहुल रॉय की एक्टिंग, उनके व्यक्तित्व और उनके अंदर की अच्छाइयों से बेहद प्रभावित हैं. फिर उन्होंने एक ऐसी लाइन कही जिसने हर ट्रोल को सीधा जवाब दे दिया-राहुल रॉय को ट्रोल करना या उनके बारे में बुरा बोलना भगवान को लात मारने जैसा है.
डॉ. वनिता ने अपने रिश्ते को गुरु-शिष्य जैसा बताया. उनके मुताबिक ये सिर्फ सोशल मीडिया वाला रिश्ता नहीं, बल्कि सम्मान और इंसानियत का रिश्ता है. लेकिन इंटरनेट ने इसे गलत नजरिए से देखा. डॉ. वनिता की मानें तो वो कैमरे के सामने सिम्पैथी लेने नहीं आई थीं. वो सिर्फ सच बताना चाहती थी और उन्होंने वही किया.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क