'गधे पर बैठाकर जुलूस निकालेंगे', धमकी सुन रो पड़े थे तिग्मांशु, बोले- जया बच्चन ने बचाई जान

फिल्म निर्माता तिग्मांशु धूलिया ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में अपनी फिल्म 'हासिल' की शूटिंग के दौरान मिली धमकियों और विवादों का खुलासा किया है उन्होंने बताया कि छात्रों ने उन्हें गधे पर बैठाकर सरेआम घुमाने की योजना बनाई थी, लेकिन जया बच्चन की मदद से वे बच गए.

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कैसे जया बच्चन ने बचाई तिग्मांशु धूलिया की जान (Photo: ITG) कैसे जया बच्चन ने बचाई तिग्मांशु धूलिया की जान (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:53 PM IST

फिल्म मेकर तिग्मांशु धूलिया ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि एक फिल्म बनाने के दौरान इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एक बार उन्हें गधे पर बैठाकर, उनका मुंह काला करके सरेआम घुमाने का प्लान किया गया था, लेकिन वो जया बच्चन की वजह से बच गए. उस वक्त ऐसा विवाद गहराया था कि एक्ट्रेस के अलावा कोई उनकी मदद नहीं कर पाया था. वो डर गए थे. उन्हें धमकी दी गई थी.

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हासिल फिल्म का किस्सा

तिग्मांशू को बुलेट राजा, पान सिंह तोमर, साहब बीवी गैंगस्टर जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है. लेकिन 2003 में उन्होंने इरफान खान के साथ हासिल फिल्म बनाई थी. इसे भले बॉक्स ऑफिस पर सफलता नहीं मिली थी लेकिन एक्टर की करियर की ये आज भी बेस्ट फिल्म मानी जाती है. 

तिग्मांशू ने स्क्रीन से बातचीत में इस फिल्म के मेकिंग के दिन को याद किया. और बताया कि कैसे छात्रों ने उनका जुलूस निकालने की तैयार कर ली थी. तिग्मांशू ने बताया कि वो पहले इस फिल्म में मनोज बाजपेयी को कास्ट करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और इरफान खान का नाम रेफर किया था. उन्हें भी इरफान सही लगे, जिसके बाद उन्होंने एक्टर को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, वहां के हावभाव-माहौल को समझने के लिए भेज दिया. 

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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में शूटिंग के दौरान विवाद

धूलिया ने बताया कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में शूटिंग के दौरान उन्हें बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी. कुछ लोगों को लगा कि फिल्म यूनिवर्सिटी और छात्र राजनीति को गलत तरीके से दिखा रही है. मामला इतना बढ़ गया कि उन्हें धमकियां मिलने लगीं.

उन्होंने कहा, “मुझे जिला मजिस्ट्रेट के ऑफिस बुलाया गया, जहां यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष बैठे थे. उन्होंने धमकी दी कि हमारी शूटिंग की गाड़ियां तोड़ देंगे, मेरा मुंह काला कर गधे पर बैठाकर पूरे शहर में घुमाएंगे. मैं वहां अकेला था और रोने लगा.

मिली थी नई नसीहत

हालात बिगड़ने पर धूलिया ने जया बच्चन से मदद मांगी. उन्होंने अमर सिंह को फोन किया, जिसके बाद माहौल शांत हुआ. लेकिन उन्हें कहा गया कि फिल्म में ‘इलाहाबाद’ शब्द इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. आखिरकार धूलिया ने बिना ये नाम लिए फिल्म पूरी की.

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