'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026' इस बार 'द इंटेलिजेंस एक्सचेंज' जैसी दमदार थीम के साथ आयोजित किया गया. इस कॉन्क्लेव में सिनेमा जगत में लगभग चार दशकों से कायम सुपरस्टार अनिल कपूर ने शिरकत की. एक्टर ने (The Ageless Rebel: Rewriting the Rules of Stardom) सेशन पर अपने विचार शेयर किए.
जब अनिल कपूर से उनकी जवानी का राज पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि उनका राज उनकी मूंछें नहीं, बल्कि उनकी दाढ़ी है. उन्होंने कहा कि अपने करियर की शुरुआत में, उन्हें अक्सर इस बात से जूझना पड़ता था कि फिल्ममेकर उनके लुक को कैसे देखते थे. कई लोगों को लगता था कि कुछ खास किरदारों के लिए वे बहुत कम उम्र के दिखते हैं, इसीलिए वे थोड़ी ज्यादा उम्र का दिखने के लिए दाढ़ी रखते थे.
उन्होंने याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने 'वो सात दिन' में काम किया था, तो कुछ लोगों को लगा था कि यह रोल संजीव कुमार जैसे किसी ज्यादा अनुभवी एक्टर को मिलना चाहिए था, क्योंकि वे इस रोल को निभाने के लिए बहुत कम उम्र के दिख रहे थे. इसके बाद भी, 'मिस्टर इंडिया' समेत कई फिल्मों में, उन्होंने अलग-अलग तरह के सीन्स में दाढ़ी रखना जारी रखा.
अनिल कपूर ने तोड़ा मिथ
फिल्ममेकर्स अक्सर उन्हें देखकर कहते थे कि 'तुम अभी बहुत बच्चे लगते हो' या फिर 'तुम्हारी आंखें बहुत छोटी हैं'. उस दौर में इंडस्ट्री में कई बड़े और स्थापित सितारे थे, जिनके सामने खुद को साबित करना एक बड़ी चुनौती थी. खुद को थोड़ा मैच्योर और अलग दिखाने के लिए उन्होंने अपनी दाढ़ी को हल्का सा बढ़ाना शुरू किया ताकि वे स्क्रीन पर थोड़े गंभीर और बढ़े दिख सकें.
बातचीत के दौरान एक दिलचस्प किस्सा शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि उस जमाने में एक बात काफी प्रचलित थी कि 'जिसकी मूंछें हैं, वह कभी बड़ा स्टार नहीं बन सकता.' ये छोटी-छोटी बातें और इंडस्ट्री के नियम उनके साथ हमेशा से थे. उन्होंने इन सब बाधाओं को चुनौती की तरह लिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई. मैंने दाढ़ी और मूंछें रखी और फिल्में की और बात में मेरी खास पहचान बन गईं.'
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