Animal: रणबीर ने 'वॉर मिशन गन' से बरसाईं गोल‍ियां, उसका वजन है 500 किलो, कीमत इतने करोड़

फिल्म एनिमल में रणबीर कपूर एक बेहद ही नए अवतार में नजर आ रहे हैं. स्क्रीन पर रणबीर को शायद ही कभी इतना वॉयलेंस करते देखा गया हो. भरपूर एक्शन के लिए रणबीर कपूर ने खास ट्रेनिंग ली है.

Advertisement
रणबीर कपूर रणबीर कपूर

नेहा वर्मा

  • ,
  • 29 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:31 AM IST

रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. फैंस शायद पहली बार अपने फेवरेट एक्टर को इस राउंची अवतार में देखेंगे. फिल्म में तो वैसी कई चीजें हैं, जिसने दर्शकों को सरप्राइज किया है, लेकिन सबसे ज्यादा एक्साइटिंग सीन वो है, जहां रणबीर बड़ी सी मशीन गन लेते हुए दुश्मनों पर वार करते नजर आते हैं. 

इस मशीन को देखकर कईयों को लगता होगा कि इसे जरूर विदेश से मंगाया गया होगा. लेकिन यह पूरी तरह कस्टमाइज मशीन गन है और इसे अंधेरी में ही कारिगरों की मदद से बनाया गया है. और कई सारे डिटेल फिल्म के आर्ट डायरेक्टर सुरेश हमसे शेयर करते हैं. 

Advertisement

500 किलो वजन की है ये मशीन 

सुरेश कहते हैं, अभी तक जितनी भी फिल्में देखी होंगी, दावा है इस तरह के बंदूक का इस्तेमाल नहीं किया गया है. हमने इस बना तो दिया है, लेकिन नाम नहीं समझ आ रहा था. फिलहाल के लिए इस बड़े से गन का नाम 'वॉर मिशन गन' रखा गया है. इसकी शुरुआत बहुत ही इंट्रेस्टिंग रही है. हमने सबसे पहले पेंसिल से स्केच कर उसका कॉन्सेप्ट डिजाइन किया था. पूरे चार महीने में यह बनकर तैयार हुआ है. इसे बनाने में स्पेशली 100 कारीगर लगाए गए थे. यह आयरन और स्टील से बना है, इसका पूरा वजन 500 किलो का है.

बनाने में लगे हैं एक करोड़ रुपये 

सुरेश आगे कहते हैं, यकीन मानें, उसे मूव करने में बहुत दिक्कत होती थी. पूरी शूटिंग के दौरान हमें मूव करने में बहुत वक्त लग जाता था. इसमें एक्सलरेटर लगाए गए थे, जिसमें चढ़कर ड्राइव भी किया जा सकता है. यह पूरी तरह से वर्किंग मॉडल है, गन्स भी रोटेट होंगे, बस केवल गोलियां व बुलेट नहीं निकलेंगी. इसे बनाने के पीछे एक कॉन्सेप्ट डिजाइनर, इंजीनियर, कारपेंटर, लेजर मेटल कटर, इलेक्ट्रिशियन मौजूद थे. इसे बनने में तो चार महीने लग गए थे. स्टैचु होता, तो एक महीने में बन जाता, लेकिन ये वर्किंग मॉडल है. इसे बनने में लगभग 1 करोड़ रुपये लगे हैं.

Advertisement

रणबीर ने ली चार महीने की ट्रेनिंग

रणबीर की ट्रेनिंग पर सुरेश कहते हैं, रणबीर रिहर्सल के लिए हर महीने आते थे. इसे ऑपरेट करना भी अपने आपमें एक बड़ा टास्क है. अजीब बात यह है कि लोग सेट पर पुछते हैं कि कहां से लेकर आए, लेकिन किसी को यकीन नहीं होता कि इसे हमने बनाया है. यकीन मानें, यह अंधेरी में बनाया गया है. मैं इससे पहले भी बड़ी फिल्मों का हिस्सा रहा हूं, लेकिन ऐसा क्रेजी काम कभी नहीं किया है. 
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement