जैस्मिन सैंडलस इस समय अपनी सक्सेस एन्जॉय कर रही हैं. 'धुरंधर' फिल्म में अपनी जादुई आवाज और गानों से उन्होंने फैंस को अपना मुरीद बना लिया. हर तरफ उनके चर्चे हो रहे हैं. लेकिन इसी बीच सिंगर ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई राज खोले हैं. उन्होंने पेरेंट्स के संघर्षों पर भी बात की है.
विदेश में बस गया था पूरा परिवार
रणवीर इल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में जैस्मिन ने बताया कि उनके पिता में भारत में अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर परिवार को अच्छी जिंदगी देने के लिए अमेरिका चले गए थे. वहां जाकर उनके पिता मजदूरी करने लगे थे. पेट्रोल पंप पर वो पेट्रोल भरने का काम करते थे.
जैस्मिन ने बताया कि जब वो परिवार के साथ अमेरिका गई थीं, तब उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. आगे बताते हुए सिंगर बोलीं- हम न्यूयॉर्क पहुंचे. तब मुझे इंग्लिश बोलनी नहीं आती थी. पिता ने वहां के लोकल स्कूल में हमारा दाखिला करवा दिया था. हम एक बेडरूम वाले अपार्टमेंट में रहते थे, जो कम सैलरी वाले परिवारों के लिए बना था. छोटे से अपार्टमेंट में हम कुल 6 लोग रहते थे. हमें फूड स्टैम्प्स मिलते थे, जिन्हें दिखाकर हमें किराने की दुकानों पर सस्ता राशन मिलता था.
जैस्मिन ने आगे बताया- जब हम भारत में रहते थे, तो मेरे पिता की एक हाई प्रोफाइल जॉब थी. वो अपने लॉ स्कूल के टॉपर थे. लेकिन जब आप अमेरिका जाते हैं, तो आपके पास दो ही रास्ते होते हैं, या तो आप 3-4 साल तक पढ़ाई करें या फिर अपने परिवार का ख्याल रखें. मेरे पिता ने हमारे लिए अपनी पूरी जिंदगी कुर्बान कर दी थी. वो भारत में अपना सबकुछ छोड़कर अमेरिका चले गए थे.
गबीरी में किया गुजारा
अमेरिका में उनकी पहली नौकरी एक पेट्रोल पंप पर थी, जहां वो पेट्रोल भरने का काम करते थे. मेरे पास मेरे पिता की एक फोटो है, जिसमें वह बर्फ में बैठे हैं और उनके पास बर्फ में पहनने वाले जूते तक नहीं थे. उन्होंने अपनी हर उस सुख-सुविधा का बलिदान दे दिया था, जो वो शायद अपने लिए चाहते थे, ताकि उनके बच्चों का भविष्य बन सके. मेरी मां ने भी वहां काम किया. वो एक फैक्ट्री में चेरी चुनने का काम करती थीं, जो एक मजदूरों वाला काम था.
सिंगर ने आगे बताया कि बाद में वो लोग कैलिफोर्निया चले गए थे. तब उनके पिता वहां लीगल इंटरप्रेटर के तौर पर काम करने लगे थे. वो अदालत में पंजाबी से इंग्लिश में ट्रांसलेशन करते थे. उन्होंने बताया कि उन्हें इसके लिए अच्छे पैसे मिलते थे. सिंगर ने भी साझा किया कि उन्होंने खुद भी कुछ समय तक इंटरप्रेटर के रूप में काम किया था.
धुरंधर से छाईं जैस्मिन
जैस्मिन सैंडलस की बात करें तो उन्होंने अपने म्यूजिक करियर की शुरुआत 2008 में की थी. इसके बाद उन्होंने बोहेमियाके साथ 'गुलाबी' एल्बम में काम किया. उन्हें सबसे बड़ी सक्सेस सलमान खान की फिल्म 'किक' के गाने 'यार ना मिले' से मिली, जिसे उन्होंने यो यो हनी सिंह के साथ गाया था. अब वो 'धुरंधर' और 'धुरंधर द रिवेंज' में 'शरारत', 'मैं और तू', 'जाइए सजना' और 'आरी आरी' जैसे गानों के लिए सुर्खियों में हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क