साल 2025 में फिल्म 'धुरंधर' रिलीज होने के बाद से फैंस के मन में बड़ा सवाल था कि आखिर बड़े साब कौन है? सभी जानना चाहते थे कि भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों के पीछे की ताकत किसके हाथ में है? सलमान खान से लेकर इमरान हाशमी तक, इस किरदार के लिए कई एक्टर्स के नामों की अटकलें लगाई जा रही थीं. अब आखिरकार 'धुरंधर: द रिवेंज' के साथ ये राज भी खुल गया है. फिल्म में दाऊद इब्राहिम को 'बड़े साब' कहा गया है. इस किरदार को एक्टर दानिश इकबाल ने निभाया है.
इंडिया टुडे/आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में एक्टर दानिश इकबाल ने बताया कि वे फिलहाल फिल्म और अपनी परफॉरमेंस को मिल रही तारीफों में सराबोर हैं. उन्होंने हंसते हुए कहा, 'यह बिल्कुल कमाल का अनुभव है. खासकर इसलिए क्योंकि इस किरदार को लेकर बहुत सारी उत्सुकता थी. सच कहूं तो पिछले तीन महीनों में कई बार ऐसा हुआ जब मैं हाथ उठाकर कहना चाहता था, 'मैं ही बड़ा साब हूं'. मैं चाहता था कि दुनिया को पता चले, लेकिन अपनी कमिटमेंट के कारण बंधा हुआ था.'
कब की थी धुरंधर 2 की शूटिंग?
दानिश ने बताया कि उन्होंने फिल्म की शूटिंग 2024 में की थी. कुछ सीन पिछले साल भी शूट हुए. शूटिंग का अनुभव यादगार रहा, लेकिन खुद को उस किरदार में देखना उनके लिए पूरी तरह अलग था. दानिश ने कहा कि पहले भी कई एक्टर्स ने दाऊद का किरदार निभाया है, लेकिन यह सिर्फ लुक्स की बात नहीं थी, बल्कि अपने अंदाज को इसमें जोड़ने की भी थी. एक्टर ने कहा, 'आपको अपनी इंटेंसिटी, कुछ छोटी-छोटी डिटेल्स जोड़नी पड़ती हैं... और मैंने इसी पर फोकस किया. मैं एक ट्रेंड एक्टर हूं, और मुझे पता है कि ऐसी परिस्थितियों को कैसे हैंडल करना है. और फिर बेशक, आदित्य सर पास थे, उनकी गाइडेंस में मुझे लगता है हमने अच्छा काम किया.'
रणवीर-आदित्य की तारीफ में क्या बोले एक्टर?
एक्टर ने रणवीर सिंह की परफॉरमेंस को 'अद्भुत' बताया और उनकी जमकर तारीफ की. इकबाल ने कहा कि उन्होंने रणवीर को 'पद्मावत' जैसी फिल्मों में देखा था, और अचानक उनके साथ सेट पर होना अविश्वसनीय लग रहा था. उन्होंने अर्जुन रामपाल की भी सराहना की और बताया कि उन्होंने सीन में कितना चार्म और ऑरा लाया. इकबाल ने कहा, 'बेशक उनके बीच होना यादगार है. लेकिन ईमानदारी से कहूं तो जब आप कैरेक्टर बन जाते हैं, तो सब कुछ भूल जाते हैं. लेकिन वे सभी बहुत अच्छे, गर्मजोशी भरे और शानदार इंसान हैं.'
डायरेक्टर आदित्य धर के बारे में दानिश इकबाल ने कहा कि लगातार इतनी बड़ी फिल्में बनाना आसान नहीं है. उन्हें एक विजनरी बताते हुए कहा कि वे बहुत सिक्योर हैं और अपने एक्टर्स को क्रिएटिव काम करने के लिए पूरा कम्फर्ट और स्पेस देते हैं. उन्होंने यह भी कहा, 'वे बहुत सारा होमवर्क करते हैं. उन्हें पता होता है कि वे क्या चाहते हैं और लोगों की उम्मीदों में नहीं बहते. वे एकदम गो-गेटर हैं, और क्या विजन है उनका. उनके साथ काम करने का समय मुझे बहुत पसंद आया.'
हमने इकबाल से पूछा कि किसी इतने खौफनाक किरदार जैसे दाऊद को निभाते हुए अपनी पॉलिटिक्स को कैसे अलग रखते हैं? जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें भी शुरुआत में कुछ आशंकाएं थीं, क्योंकि पर्सनल विश्वास एक चीज है और एक्टर होना दूसरी. उन्होंने कहा, 'इन्हें कैसे अलग करें? यही मेरा संदेह था. और मुझे एहसास हुआ कि जब मैं किसी किरदार को निभा रहा हूं, तो वही मेरी रियलिटी है, मेरी सच्चाई. कैरेक्टर की अपनी छाया हो सकती है लेकिन एक्टर के तौर पर मैं उसका जजमेंट नहीं कर सकता. उसे अच्छे से निभाने के लिए मुझे उसकी सच्चाई को स्वीकार करना पड़ता है, और मुझे लगता है लोगों को यही पसंद आया. वह जो भी करता है, उस पर पूरा यकीन रखता है, और यही उसे और ज्यादा खतरनाक बनाता है.'
तैयार होने में लगते थे घंटों
हमने एक्टर से ये भी पूछा कि क्या यह सोच उन्हें ऐसे प्रोजेक्ट साइन करने में मदद करती है, जिसमें पॉलिटिक्स साफ दिखता है? उन्होंने कहा, 'बिल्कुल, मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं. मुझे कैरेक्टर निभाना है और उसे दिलचस्प बनाना है. यही मेरा काम है. ईमानदारी से कहूं तो मैं आर्ट को पॉलिटिसाइज करने में विश्वास नहीं रखता. हम वो नहीं हैं जो पॉलिटिकल एजेंडा तय करेंगे. हमारा काम दर्शकों को उन कई किरदारों के जरिए एंटरटेन करना है जो हमें मिलते हैं.'
दानिश इकबाल ने बताया कि उन्हें दावूद इब्राहिम के लुक में ढलने में 10-12 घंटे लगते थे. वे सबसे पहले सेट पर पहुंचते थे और मेकअप से शुरू करते थे. फिर उस लुक की वजह से खाना भी नहीं खा पाते थे और हिल भी नहीं सकते थे. एक्टर ने यह भी कहा कि उन्होंने इसे मेडिटेशन की तरह लिया और हर प्रोसेस का मजा लिया. चूंकि वे एक मरते हुए इंसान का किरदार निभा रहे थे, इसलिए स्पीच और आवाज पर भी काम करना पड़ा. एक्टर ने बताया, 'यह चुनौती थी, लेकिन जिंदगीभर का मौका भी था. मैं आभारी हूं कि लोग इसे एन्जॉय कर रहे हैं और ढेर सारा प्यार दे रहे हैं.'
सना फरज़ीन