यूपी चुनाव: कांग्रेस के सामने वजूद बचाने की चुनौती, 70 हजार कार्यकर्ताओं को देगी ट्रेनिंग

यूपी में पिछले तीन दशक से सत्ता का वनवास झेल रही कांग्रेस के लिए 2022 का चुनाव अपने सियासी वजूद को बचाए रखने का है,जिसकी जिम्मेदारी पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के कंधों पर है. प्रियंका गांधी ने छत्तीसगढ़ के मॉडल पर यूपी में कांग्रेस को मजबूत करने और 2022 के चुनावी जंग जीतने की रणनीति बनाई है.

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प्रियंका गांधी प्रियंका गांधी

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली ,
  • 05 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 9:46 AM IST
  • कांग्रेस यूपी में छत्तीसगढ़ मॉडल को अपना रही
  • यूपी में 70 हजार कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देगी कांग्रेस
  • यूपी की 300 विधानसभा सीटें कांग्रेस ने की चिन्हित

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सरगर्मियां तेज हो गईं हैं. राजनीतिक पार्टियां सियासी समीकरणों को साधने के साथ ही साथ संगठन को मजबूत करने में जी जान से जुटी हैं. पिछले तीन दशक से सत्ता का वनवास झेल रही कांग्रेस के लिए 2022 का चुनाव अपने सियासी वजूद को बचाए रखने का चुनाव है, जिसकी जिम्मेदारी पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के कंधों पर है. प्रियंका गांधी ने छत्तीसगढ़ के मॉडल पर यूपी में कांग्रेस को मजबूत करने और 2022 के चुनावी जंग जीतने की रणनीति बनाई है. 

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कांग्रेस उत्तर प्रदेश में बूथ स्तर पर खुद को मजूबत करने की कवायद में जुटी है. ऐसे में सूबे के 70 हजार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के लिए 675 ट्रेनिंग कैंप की रूप रेखा तैयार की है. इसी मद्देनजर यूपी के 100 नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक समूह को छत्तीसगढ़ प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, जो  रायपुर के निरंजन धर्मशाला में विभिन्न मुद्दों पर प्रशिक्षण ले रहे हैं. 

यूपी के कांग्रेस नेताओं को रायपुर में मास्टर ट्रेनर के तौर प्रशिक्षित किया जा रहा है. इन्हें कांग्रेस के इतिहास से लेकर बूथ मैनेजमेंट के बारे में जानकारी दी जा रही है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रशिक्षण दिया है. प्रियंका गांधी भी बुधवार शाम को वर्चुअल रूप से पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुईं. इस दौरान प्रियंका गांधी ने अब तक के प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली. मास्टर ट्रेनर यूपी के जिला, विधानसभा और ब्लाक स्तर पर 70 हजार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का काम करेंगे. 

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कांग्रेस ने यूपी की करीब 300 विधानसभा सीटें चिन्हित की है, जहां पर 675 ट्रेनिंग कैंप किए जाएंगे. इन प्रशिक्षण शिविरों में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट का पाठ सिखाया जाएगा. सोशल मीडिया के बेहतर उपयोग की तकनीक भी कार्यकर्ताओं को सिखाई जाएगी. इसके अलावा ब्लॉक से लेकर न्याय पंचायत स्तर व्हाट्सएप ग्रुप बनाने और उन्हें सक्रिय करने पर जोर दिया जाएगा. 

आरएसएस और बीजेपी को काउंटर करने के लिए भी कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेगी. यूपी के पिछले 32 सालों की बदहाली पर बीजेपी, सपा और बसपा को भी कांग्रेस कार्यकर्ता घेरेंगे. इसके लिए 'किसने बिगाड़ा उत्तर प्रदेश?' नाम से विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित करेगी. 

बता दें कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद में है. प्रदेश की सभी 823 ब्लाकों की कमेटियां और 8134 न्याय पंचायत के अध्यक्ष नियुक्त कर दिए. वहीं, ग्राम सभा अध्यक्षों के चयन में पार्टी जुटी हुई है. 

सूबे के बूथ स्तर पर खुद को मजबूत करने के लिए यूपी कांग्रेस ने अपने 8 जोन में ब्लॉक और शहर अध्यक्षों की ट्रेंनिग कैंप आयोजित किए थे. यह प्रशिक्षण शिविर गोरखपुर, इलाहाबाद, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, बरेली, मथुरा और गाज़ियाबाद में आयोजित हुए थे. इसके बाद कार्यकर्ताओं को चुनावी लिहाज से ट्रेनिंग देनी की रूप रेखा तैयार की है, जिसके अगले सप्ताह से कांग्रेस शुरू कर रही है.

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