MP Assembly Election 2023: विधानसभा चुनाव में अजब-गजब प्रत्याशी देखने को मिल रहे हैं. ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश के रीवा में देखने को मिला. भाजपा ने जहां कैबिनेट मंत्री राजेंद्र शुक्ल को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस से राजेंद्र शर्मा उम्मीदवार हैं. दोनों प्रत्याशी इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा के छात्र हैं. बस इंजीनियर राजेंद्र शर्मा, कैबिनेट मंत्री राजेंद्र शुक्ला के एक बैच आगे रहे. लेकिन राजनीति में जूनियर का जलवा कायम रहा.
विधानसभा चुनाव 2003 में भाजपा की टिकट पर जीतकर राजेंद्र शुक्ला कैबिनेट मंत्री बने और तब से जीतते ही आ रहे हैं. राजेंद्र शुक्ला मध्य प्रदेश में खनिज, ऊर्जा, जनसंपर्क, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और पर्यावरण विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में मंत्री रह चुके हैं. उनकी साफ-सुथरी छवि होने से लगातार जीत होती रही. विकास कार्यों की कई उपलब्धियां इनके नाम हैं.
मसलन दुनिया की इकलौती व्हाइट टाइगर सफारी, एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट, सबसे बड़ी टनल, नहरों का जाल, सड़कें, हॉस्पिटल, कॉलेज बनाने का श्रेय इनके नाम है. यही वजह है की प्रदेश में रीवा को विकास के मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाता है. राजेंद्र शुक्ला और राजेंद्र शर्मा दोनों ने छात्रसंघ की राजनीति से जुड़े हैं.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी से प्रेरित होकर दोनों ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी. राजेंद्र शुक्ला को कांग्रेस पार्टी ने कोषाध्यक्ष बनाया था. बाद में राजेंद्र शुक्ला भाजपा में शामिल हो गए जबकि राजेंद्र शर्मा कांग्रेस में ही रहे.
अब राजेंद्र शुक्ला और राजेंद्र शर्मा दोनों प्रतिद्वंदी हैं. इसके पहले इन दोनों प्रत्याशियों के बीच साल 2008 में मुकाबला हो चुका है. तब राजेंद्र शुक्ला जीते और राजेंद्र शर्मा हारे थे. इस बार कांग्रेस से इंजीनियर राजेंद्र शर्मा राजेंद्र शुक्ला को टक्कर दे रहे हैं.
वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी इंजीनियर दीपक पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया है. अब AAP, भाजपा और कांग्रेस के वोट में सेंध मार रही है. ऐसे में विकास पुरुष वाली साफ सुथरी छवि के धनी दोनों इंजीनियर प्रत्याशियों के बीच मुकाबला रोचक हो गया है.
विजय कुमार विश्वकर्मा