Kota Lok Sabha Result 2019: BJP के ओम बिड़ला 2.79 लाख से ज्यादा वोटों से जीते

Lok Sabha Chunav Kota Result 2019 राजस्थान की कोटा लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के ओम बिड़ला 279677 वोटों के अंतर से जीत दर्ज करने में कामयाब रहे.

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Kota Lok Sabha Election Result 2019 Kota Lok Sabha Election Result 2019

राहुल झारिया

  • नई दिल्‍ली,
  • 23 मई 2019,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

लोकसभा चुनाव 2019 के तहत राजस्‍थान की कोटा लोकसभा सीट पर बीजेपी ने परचम लहराया है. भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) प्रत्याशी ओम बिड़ला 279677 वोटों के अंतर से अपने नजदीकी प्रतिद्वंदी को शिकस्‍त देने में कामयाब रहे. इस सीट पर कुल 15 प्रत्याशी मैदान में थे. हालांकि मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही रहा.

2019 का जनादेश

भारतीय जनता पार्टी के ओम बिड़ला 800051 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस के राम नारायण मीणा 520374 वोटों के साथ दूसरे, 12589 वोटों के साथ नोटा तीसरे और बीएसपी के हरीश कुमार 9985 वोटों के साथ चौथे नंबर पर रहे. बता दें कि इस सीट पर चौथे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान हुआ था और मतदान का प्रतिशत 69.78 रहा है.

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2014 का चुनाव

2014 के लोकसभा चुनाव में कोटा संसदीय सीट पर 66.2 फीसदी मतदान हुआ था, जिसमें से बीजेपी को 55.8 फीसदी और कांग्रेस को 38.4 फीसदी वोट मिले थे. इस चुनाव में कोटा राजघराने के कांग्रेसी सांसद इज्यराज सिंह से मुकाबला करने के लिए बीजेपी ने अपने कद्दावर नेता और विधायक ओम बिड़ला को मैदान में उतारा. मोदी लहर में ओम बिड़ला ने कांग्रेस सांसद सिंह को 2,00,782 मतों के भारी अंतर से पराजित किया. बीजेपी से ओम बिड़ला को 6,44,822 और कांग्रेस से इज्यराज सिंह को 4,44,040 वोट मिले.

सामाजिक ताना-बाना

कोटा और बूंदी जिले की विधानसभा सीटों को मिलाकर बना यह लोकसभा क्षेत्र एक जमाने में उद्योग का बड़ा केंद्र था. लेकिन हाल के समय में कोचिंग यहां एक बड़ा उद्योग बनकर उभरा है. हाड़ौती का यह क्षेत्र कृषि के लिहाज से उपजाऊ है और अनाज की सबसे बड़ी रामगंज मंडी यहीं पर स्थित है. साल 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां की जनसंख्या 27,16,852 है, जिसका 49.27 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण और 50.73 प्रतिशत हिस्सा शहरी है. वहीं कुल आबादी का 20.4 फीसदी अनुसूचित जनजाति और 12.76 फीसदी अनुसूचित जाति हैं.

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कोटा लोकसभा सीट पर मीणा जाति के मतदाताओं का वोट निर्णायक माना जाता है. वहीं मीणाओं के राजनीतिक विरोधी गुर्जर भी कुछ इलाकों में प्रभावी हैं. इनके अलावा ब्राह्मण, अनुसूचित जाति और वैश्य मतदाताओं की भी अपनी अलग भूमिका है.

सीट का इतिहास

2019 से पहले इस सीट पर हुए कुल 16 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मात्र 4 बार ही इस सीट पर जीत दर्ज कर पाई. जबकी 6 बार बीजेपी और 3 बार भारतीय जनसंघ का कब्जा रहा. वहीं 1 बार जनता पार्टी, 1 बार भारतीय लोकदल और 1 बार निर्दलीय का कब्जा रहा.

2009 के चुनाव में कोटा राजघराने के इज्यराज सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर पार्टी को जीत दिलाई. वहीं 2014 में राजस्थान बीजेपी के कद्दावर नेता ओम बिड़ला ने सिंह को हराकर एक बार फिर इस सीट पर बीजेपी की जीत का परचम लहराया. अब इज्यराज सिंह बीजेपी में शामिल हो चुके हैं और कभी एक दूसरे के खिलाफ लड़ने वाले नेता वर्तमान में एक दल में शामिल हैं.

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