वायरल वीडियो पर जेडीयू के तंज कसे जाने को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के प्रमुख चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लिया है. चिराग पासवान ने कहा कि पापा के जाने के बाद क्या साबित करना होगा कि मैं कितना दुखी था. उन्होंने यह भी कहा कि यह वीडियो शूट करना क्यों जरूरी था.
चिराग पासवान ने ट्वीट किया, 'पापा के निधन के 6 घंटे बाद ही मुझे पार्टी के प्रत्याशियों की पहली सूची देनी थी. मुझे पार्टी के भी सभी कार्यों को पूरा करना है. 10 दिनों तक मुझे घर से बाहर नहीं जाना था. इसलिए डिजिटल प्रचार के लिए वीडियो शूट करना ही था.'
सिलसिलेवार ट्वीट में चिराग पासवान ने कहा, 'पापा के जाने का मुझे कितना दुख है अब ये मुझे क्या नीतीश कुमार जी को भी प्रमाणित करना होगा? मैं रोज शूट कर रहा हूं. ऑप्शन क्या है मेरे पास...पापा का ऐसे समय पर निधन हुआ जब चुनाव प्रचार सिर पर था.'
एलजेपी प्रमुख ने कहा, 'मुख्यमंत्री इतना नीचे गिर सकते हैं, यह नहीं सोचा था. ताज्जुब होता है. मेरी नीतियों पर वार करें मुख्यमंत्री. मुंगेर की घटना से ध्यान भटकाने के लिए यह चाल कामयाब नहीं होगी साहब की और अब जनता भी कभी माफ़ नहीं करेगी नीतीश कुमार जी को.'
एलजेपी का दावा
वीडियो वायरल होने के बाद एलजेपी ने बयान जारी कर अपनी बात कही. एलजेपी का दावा है कि चिराग पासवान अपने महत्वकांक्षी कार्यक्रम 'बिहारी फर्स्ट, बिहार फर्स्ट' का वीडियो शूट कर रहे हैं. ये वीडियो उसी का है. एलजेपी ने कहा कि नीतीश कुमार को अपनी हार पर अब पूरा विश्वास हो गया है. चुनाव पार्टी को लड़ना है तो वीडियो शूट होगा ही. JDU के नेता हार की बौखलाहट में काफी नीचे स्तर पर उतर आए हैं. पार्टी का मेनिफेस्टो लॉन्च करने के लिए यह वीडियो शूट किया गया था और इसमें क्या आपत्ति होनी चाहिए? नीतीश कुमार को जनता जवाब देगी और उनकी विदाई तय है.
जेडीयू ने क्या कहा था?
असल में, वायरल वीडियो पर जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि चिराग पासवान अपने पिता के दाह संस्कार के वक्त बेहोश होने की एक्टिंग कर रहे थे. राजीव रंजन का दावा था कि चिराग पासवान ने यह वीडियो अपने पिता के दाह संस्कार के अगले दिन शूट कराया था और अपने पिता की मौत को भुनाने की कोशिश की है.
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राजीव रंजन ने कहा कि वीडियो में चिराग पासवान कैमरे के सामने टेक, रिटेक, कैमरा और लाइट्स के बीच हैं. यह वीडियो अमानवीय और असंवेदनशील है और इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए कम है. उनके चेहरे पर हास्य परिहास का भाव दिख रहा है. स्वर्गीय रामविलास पासवान की आत्मा भी दुखी होगी.
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