एनडीए के सहयोगी दलों में सीटों के बंटवारे पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है. चिराग पासवान ने 45 से 54 सीटों की मांग रखी है, जिससे गठबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर "बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट" को अपना चुनावी एजेंडा बताया. दो दिन पहले पटना में धर्मेंद्र प्रधान ने सहयोगी दलों से मुलाकात की, लेकिन चिराग पासवान से नहीं मिल पाए.