पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने एक अहम फैसला लिया है. पहली बार राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में रिटर्निंग अफसर (आरओ) एसडीएम स्तर या उससे उच्च पद के अधिकारी होंगे. निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को जारी अधिसूचना में राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एसडीएम समकक्ष या उससे वरिष्ठ अधिकारियों को रिटर्निंग अफसर नियुक्त करने की घोषणा की है.
निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले राज्य सरकार तय मानकों से नीचे के अधिकारियों को भी रिटर्निंग अफसर नियुक्त कर उनकी सूची आयोग को भेज देती थी. लेकिन इस बार आयोग ने कानून के प्रावधानों के अनुसार सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित कराई है.
आयोग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार को लगातार निर्देश दिए जा रहे थे कि विधानसभा चुनावों में रिटर्निंग अफसर के रूप में केवल एसडीएम स्तर या उससे ऊपर के अधिकारियों को ही नियुक्त किया जाए. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद राज्य सरकार ने इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए और योग्य वरिष्ठ अधिकारियों की सूची आयोग को उपलब्ध कराई.
राज्य सरकार की अद्यतन सूची के आधार पर निर्वाचन आयोग ने पूरी जांच-पड़ताल के बाद रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की है. अधिसूचना संख्या 434/WB-LA/2026 (1) में कहा गया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 21 के तहत यह नियुक्ति की गई है.
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह नई अधिसूचना 29 सितंबर 2023 को जारी पहले के आदेश की जगह लागू होगी. इसके तहत पश्चिम बंगाल सरकार के परामर्श से तय की गई सूची के अनुसार विभिन्न अधिकारियों को राज्य के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए रिटर्निंग अफसर के रूप में नामित किया गया है.
चुनाव प्रक्रिया में रिटर्निंग अफसर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. वही नामांकन पत्रों की जांच, चुनाव प्रक्रिया की निगरानी, मतदान और मतगणना से जुड़े कई प्रशासनिक निर्णयों की जिम्मेदारी संभालते हैं. ऐसे में वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति से चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की उम्मीद जताई जा रही है.
संजय शर्मा