लेफ्ट फ्रंट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तीसरी सूची भी जारी कर दी है. लेफ्ट फ्रंट ने सोमवार को तीसरी सूची जारी करते हुए 15 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया. इससे पहले गठबंधन 294 सदस्यीय विधानसभा की 224 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुका है.
नई सूची के साथ, सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाला लेफ्ट फ्रंट अब कुल 239 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुका है. राज्य में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी.
नौशाद सिद्दीकी के नेतृत्व वाली इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) ने 33 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जिसमें से 29 सीटों पर लेफ्ट फ्रंट के साथ सहमति बन चुकी है. हालांकि, नौशाद सिद्दीकी ने बताया कि ISF नंदीग्राम, पांशकुड़ा पश्चिम, भागाबंगोला और मुरारई सीट पर भी अपने उम्मीदवार उतारेगी.
फ्रंट, जिसने 2021 के विधानसभा चुनाव में नवगठित ISF के साथ सीट बंटवारे का समझौता किया था, उसने चार सीटों पर भी अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं. वहीं, सीपीआई(एमएल)-लिबरेशन 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है.
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क्या बदलने वाले हैं बंगाल चुनाव के समीकरण?
आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव में जनता उन्नयन पार्टी और एआईएमआईएम के बीच हुए गठबंधन के बाद मुस्लिम वोटों के समीकरण दिलचस्प हो गए है. मुस्लिम बहुल जिलों के साथ-साथ बीरभूम की कुछ प्रमुख सीटों पर मुकाबला दिलचस्प नजर आने लगा है. ओवैसी की पार्टी खास तौर पर इन इलाकों पर फोकस करते हुए चुनावी रणनीति तैयार कर रही है.
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