पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती से पहले कुछ स्थानों पर कथित रूप से VVPAT स्लिप्स गलियों में बिखरे पड़े हैं. टीएमसी ने इस पर सवाल खड़े किए हैं. टीएमसी के एक कार्यकर्ता ने दावा किया है कि ये स्लिप नोआपारा विधानसभा क्षेत्र के मालूम पड़ते हैं. ये वीवीपैट स्लिप नीलगंज सुभाषनगर में एक पेट्रोल पंप के पास मिले हैं. जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारी यहां पहुंच गए हैं और मामले की जांच कर रहे हैं.
नोआपारा विधानसभा क्षेत्र उत्तर 24 परगना जिले में पड़ता है.
नोआपारा से बीजेपी उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने भी इस बारे में चुनाव आयोग के अधिकारियों को सूचना दी है. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि 107- नोआपारा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गरुड़िया में स्थित बूथ संख्या 29 की सैकड़ों VVPAT पर्चियां, दत्तापुकुर पुलिस स्टेशन और मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सुभाष नगर में कूड़े के ढेर में मिली हैं.
अर्जुन सिंह ने पूछा है कि यह कैसे संभव है? VVPAT पर्चियों को संबंधित EVM के साथ स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाना चाहिए था, लेकिन उन्हें कूड़े में फेंक दिया गया है.
बीजेपी कैंडिडेट ने कहा है कि चुनाव आयोग से अपील करते हैं कि इस मामले की जांच की जाए और इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों की पहचान की जाए साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मतगणना प्रक्रिया किसी भी तरह से दूषित न हो.
सीपीएम के स्टेट सचिव मोहम्मद सलीम ने दावा किया है कि ज्यादातर वीवीपैट पर्चियां सीपीएम के उम्मीदवार से जुड़ी हैं.
पश्चिम बंगाल में सोमवार को 8 बजे सुबह से वोटों की गिनती होगी. इसकी पुरी तैयारी कर ली गई है. बंगाल में 293 मतगणना स्थल बनाए गए हैं, जहां कुल 459 मतगणना हॉल में वोटों की गिनती होगी. इनमें 129 एकल और 163 डबल मतगणना हॉल शामिल हैं.
राज्य में वोटों की गिनती पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए कुल 539 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं. सुरक्षा के लिहाज से राज्य पुलिस, राज्य सशस्त्र पुलिस और केंद्रीय बलों को तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा प्रणाली में तैनात किया गया है. मतगणना एजेंटों को मतगणना पूरी होने तक परिसर छोड़ने की अनुमति नहीं होगी. उन्हें बाहर जाने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (RO) से अनुमति लेनी होगी.
इस बीच मतगणना से पहले CRPF के डीजी ने काउंटिंग सेंटर का दौरा किया. उन्होंने सुरक्षा और लॉ एंड ऑर्डर व्यवस्था का जायजा लिया. काउंटिंग डे पर किसी भी गड़बड़ी से निपटने की सीआरपीएफ की पूरी तैयारी है.
मॉक पोल की हैं पर्चियां
निर्वाचन आयोग की शुरुआती जांच में पता चला है कि वीवीपीएटी की ये पर्चियां मॉक पोल की हैं. पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद भी ऐसी ही पर्चियां मिली थीं. तब भी इसके लिए जिम्मेदार मतदान अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. इस बार भी आयोग ने इस लापरवाही की जांच कर जिला निर्वाचन अधिकारी से जांचकर रिपोर्ट भेजने को कहा है. रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग आवश्यक और सख्त कार्रवाई करेगा. नियमानुसार मॉक पोलिंग की पर्चियों को भी सुरक्षित रखा जाता है. हालांकि EVM में मॉक पोल को डिलीट यानी जीरो कर फ्रेश पोलिंग के मोड में मशीन को कर दिया जाता है.
इंद्रजीत कुंडू / संजय शर्मा