तमिलनाडु की राजनीति में चुनाव के बाद हलचल तेज हो गई है. एग्जिट पोल के नतीजों के बाद नई संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है. खबर है कि अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के मजबूत प्रदर्शन के अनुमान के बाद AIADMK अब उनसे बातचीत की संभावना पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, AIADMK विजय की पार्टी के साथ गठबंधन के विकल्प को देख रही है. हालांकि, विजय की भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि उनकी पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं.
बात असल में ये है कि एग्जिट पोल ने विजय की पार्टी को बहुत मजबूत दिखाया है. एक्सिस माई इंडिया के जो आंकड़े सामने आए हैं, वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं. जहां लोग सोच रहे थे कि शायद विजय अभी नए हैं, वहां सर्वे कह रहा है कि टीवीके 98 से लेकर 120 सीटें जीत सकती है. इसका मतलब ये हुआ कि विजय सीधे डीएमके (DMK) वाले गठबंधन के बराबर आकर खड़े हो गए हैं, जिन्हें 92 से 110 सीटें मिलने का अनुमान है.
अब जब मामला इतना फंस गया है और विजय इतने ताकतवर बनकर उभरे हैं, तो AIADMK भला पीछे क्यों रहे? सर्वे में AIADMK गठबंधन को करीब 23 परसेंट वोट मिलते दिख रहे हैं, जबकि विजय की पार्टी को 35 परसेंट वोट मिल सकते हैं. यही वजह है कि AIADMK अब विजय की तरफ हाथ बढ़ाने की जुगत में है. हालांकि, सब कुछ इस बात पर टिका है कि 4 मई को जब नतीजे आएंगे, तब विजय की झोली में असल में कितनी सीटें गिरती हैं.
युवाओं के बीच चला जादू, उड़ गई दिग्गजों की नींद
सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि लोगों के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए विजय पहली पसंद बन गए हैं. सर्वे के मुताबिक, 37 परसेंट लोग चाहते हैं कि विजय सीएम बनें, जबकि मौजूदा मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को 35 परसेंट लोगों का साथ मिला है. सर्वे में यह भी सामने आया है कि TVK को युवाओं का बड़ा समर्थन मिल रहा है. 18 से 19 साल के मतदाताओं में 68 प्रतिशत, 20 से 29 साल के बीच 59 प्रतिशत और 30 से 39 साल के बीच 45 प्रतिशत समर्थन TVK को मिलने का अनुमान है. इस सर्वें में TVK को छात्रों, बेरोजगार युवाओं और शहरी मतदाताओं का समर्थन मिला है. इसके अलावा पार्टी ने ओबीसी, एससी, अल्पसंख्यक और ग्रामीण इलाकों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है.
ये बदलाव की लहर ही है जिसने विजय की राह आसान कर दी है. सर्वे में बताया गया है कि करीब 35 परसेंट लोगों ने सिर्फ इसलिए वोट दिया क्योंकि उन्हें बदलाव चाहिए था और विजय के समर्थकों में तो ये आंकड़ा 77 प्रतिशत तक है. शहर हो या गांव, हर जगह विजय की पार्टी ने अपनी पैठ बनाई है. खासकर ओबीसी, एससी और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच भी उन्होंने अच्छी सेंधमारी की है.
फिलहाल तो AIADMK और बाकी खेमों में हलचल तेज है, क्योंकि हर कोई जानता है कि अगर एग्जिट पोल सच हुए, तो तमिलनाडु की राजनीति की तस्वीर हमेशा के लिए बदल जाएगी. हालांकि, अंतिम नतीजे अभी आने बाकी हैं. वोटों की गिनती 4 मई को होगी, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
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