तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है. कुल 234 सीटों में से एआईएडीएमके 178 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बीजेपी 27 सीटों पर मैदान में उतरेगी. सूत्रों के अनुसार, पीएमके को 18 और एएमएमके को 11 सीटें दी गई हैं.
एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने कहा कि गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर बातचीत सुचारू रूप से हुई और सभी आंकड़ों को आधिकारिक तौर पर अंतिम रूप दे दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि अन्य दलों के साथ बातचीत अभी जारी है और उनके हिस्से की सीटों का ऐलान जल्द किया जाएगा.
ईपीएस ने गठबंधन की संभावनाओं को लेकर भरोसा जताते हुए एनडीए को “विजयी गठबंधन” बताया. उन्होंने कहा कि गठबंधन सभी सीटों पर जीत हासिल करेगा और एआईएडीएमके सरकार बनाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि एआईएडीएमके ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया है और आरोप लगाया कि जब वे दिल्ली जाते हैं तो उनके खिलाफ झूठे और भ्रामक बयान फैलाए जाते हैं. इसके अलावा ईपीएस ने दावा किया कि मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को उनके दिल्ली दौरे से डर लगता है.
ईपीएस ने आगे कहा कि सहयोगी दलों का एक-दूसरे से मिलना सामान्य बात है. उन्होंने सवाल उठाया कि कनिमोझी करुणानिधि राहुल गांधी से मिलने दिल्ली क्यों गईं?
गठबंधन सरकार की संभावना पर पूछे गए सवालों के जवाब में ईपीएस ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि एआईएडीएमके अपने दम पर सरकार बनाएगी.
तमिलनाडु की जनता बदलाव चाहती है: पीयूष गोयल
इसी बीच, भाजपा के तमिलनाडु प्रभारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि तमिलनाडु की जनता आगामी चुनावों में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को उसी तरह नकार देगी, जैसे महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और दिल्ली में INDIA गठबंधन को नकारा गया था.
उन्होंने डीएमके पर आर्थिक कुप्रबंधन और तमिल संस्कृति को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियों का आरोप लगाया. गोयल ने कहा कि लोग सुशासन, विकास की राजनीति और युवाओं व महिलाओं के लिए अवसर चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार के लिए तमिलनाडु तैयार है.
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