बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की ताजपोशी के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिशन-साउथ को फतह करने में जुट गए हैं. पीएम मोदी शुक्रवार को दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु के दौरे पर पहुंच रहे हैं. बीजेपी के लिए दोनों ही राज्य की सियासी जमीन पथरीली बनी हुई है. ऐसे में नरेंद्र मोदी विकास की सौगात से नवाज कर बीजेपी के लिए उपजाऊ बनाने की कवायद करते नजर आएंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिशन साउथ के तहत पहले केरल में नवाचार और उद्यमिता केंद्र की नींव रखेंगे. साथ ही चार नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे. इसके अलावा प्रधानमंत्री शहरी आजीविका मजबूत करने के प्रयासों के तहत पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड जारी करेंगे. यह रेहड़ी पटरी वालों के लिए वित्तीय समावेशन के अगले चरण का प्रतीक है.
केरल को विकास की सौगात से नवाजने के बाद पीएम मोदी शाम को तमिलनाडु में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे. इस तरह से पीएम मोदी अपने दौरे के जरिए बीजेपी के सियासी आधार को मजबूत करने कवायद करेंगे,क्योंकि दक्षिण भारत अभी भी बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. ऐसे में देखना है कि पीएम मोदी विकास की सौगात देकर क्या कमल खिला पाएंगे?
दक्षिण बीजेपी के लिए पथरीली जमीन
कर्नाटक में सत्ता से बाहर होने के बाद बीजेपी केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी को छोड़कर दक्षिण भारत के सत्ता समीकरणों से बाहर हो गई है. पीएम मोदी का जादू उत्तर भारत में लोगों के सिर चढ़कर बोलता है. हिंदी पट्टी के राज्यों में बीजेपी काफी मजबूत स्थिति में दिख रही है, लेकिन दक्षिण भारत में अभी भी बीजेपी के लिए चिंता बनी हुई है.
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बीजेपी ने मिशन-साउथ को लेकर रणनीति अलग तरह की है. दक्षिण में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के अलावा पुडुचेरी और लक्षद्वीप है. बीजेपी का सियासी आधार कर्नाटक तक की सीमित है और बाकी राज्यों की जमीन अभी भी सियासी रूप से पथरीली बनी हुई हैं. तमिलनाडु और केरल में पार्टी अभी तक सत्ता में कब्जा जमाना तो दूर की बात है, अपना सियासी प्रभाव भी नहीं दिखा सके.
दो महीने बाद देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें तीन राज्य तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी दक्षिण भारत के हैं. ऐसे में बीजेपी का पूरा फोकस दक्षिण भारत के राज्यों पर है. पीएम मोदी का केरल और तमिलनाडु का दौरान विधानसभा चुनाव के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. इतना ही नहीं बीजेपी दक्षिण में अपने सियासी विस्तार देने की कवायद में है, जिसका बीढ़ा पीएम मोदी ने खुद अपने कंधों पर ले लिया है.
विकास की सौगात से खिलेगा 'कमल'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिशन साउथ के तहत पहले केरल पहुंचेगे. हाल में स्थानीय निकाय चुनावों और खासकर तिरुवनंतपुरम में बीजेपी का पहला मेयर बनने के बाद पीएम मोदी का यह दौरा हो रहा है. पीएम मोदी केरल में रोड शो करने के साथ-साथ कई विकास योजनाओं की सौगात देंगे तो चार नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर
चुनावी माहौल में बीजेपी की रणनीति को गति देंगे.
केरल के तिरुवंतपुरम में पीएम मोदी आधुनिक डाकघर का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ रेहड़ी पटरी वालों से लेकर शहरी क्षेत्र के वोटरों के साधने की कवायद करते नजर आएंगे. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच चलने वाली, एक तरह से दक्षिण भारत को जोड़ने वाले शहरों के लिए चार ट्रेन शुरू करेंगे. इसमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं. साथ ही तिरुअनंतपुरम में सीएसआइआर-एनआइआइएसटी इनोवेशन, टेक्नोलाजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप हब की आधारशिला रखेंगे.
तमिलनाडु में सियासी माहौल बनाएंगे पीएम
पीएम मोदी तिरुवनंतपुरम से तमिलनाडु के चेन्नई पहुंचेगे, जहां विधानसभा चुनाव होने है. बीजेपी तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के साथ सत्ता हासिल करने के लिए जोर आजमाइश कर रही है. बीजेपी ने तमिलनाडु में अपने गठबंधन विस्तार के लिए तैयार कर लिया है और प्रधानमंत्री के दौरे के पहले राज्य के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने टीवीवी दिनाकरण के नेतृत्व वाली एएमएमके को भी एनडीए के साथ मिला लिया है. पीएमके पहले से ही एनडीए में है और बीजेपी अपने सियासी कुनबे को बढ़ाने में जुटी है.
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को तमिलनाडु में जनसभाओं को संबोधित करके बीजेपी के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे. पीएम मोदी की शुक्रवार को तमिलनाडु में होने वाली रैली में एनडीए अपनी एकजुटता व ताकत का प्रदर्शन करेगा. डीएमके के गढ़ से अन्नाद्रमुक को आगे रख मोदी राज्य में सत्तारूढ़ दल को सीधी चुनौती देंगे. तमिलनाडु चुनाव के लिए पार्टी प्रभारी पीयूष गोयल ने सहयोगी दलों के साथ कई बैठकें कीं ताकि एकजुटता का प्रदर्शन सुनिश्चित हो सके. पीएम मोदी की रैली में पूरे राज्य से बड़ी भीड़ और कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है.
केरल और तमिलनाडु दौरा कितना अहम
विधानसभाचुनाव के लिहाज से पीएम मोदी का तमिलनाडु और केरल दौरान काफी अहम माना जा रहा है. बीजेपी तमिलनाडु में एक मजबूत गठबंधन के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है. इसीलिए पीएम की रैली में एनडीए के घटक दलों, जिनमें ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, बीजेपी, पट्टाली मक्कल काची, तमिल मनीला कांग्रेस और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम शामिल होंगे. तमिलनाडु में बीजेपी सियासी ताकत दिखाकर चुनावी माहौल बनाने की कवायद में है.
बीजेपी पीएम मोदी के चेहरे को आगे करके दक्षिण भारत में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत ही केरल के तिरुवनंतपुरम में पीएम मोदी का रोड-शो रखा गया है तो तमिलनाडु में बीजेपी के चुनावी अभियान का आगाज एनडीए की ताकत के साथ हो रही है. इस तरह रैली को पीएम मोदी के द्वारा संबोधित करने की पठकथा लिखी गई है.
25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर पीएम मोदी ने दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास पर ईसाई समुदाय के लोगों के लिए कार्यक्रम का आयोजन करना. दिल्ली स्थित एक कैथोलिक चर्च में जाना, जैसे कार्यक्रमों के जरिए केरल में पार्टी की पैठ बढ़ाने की कोशिश को देखा जा सकता है.साथ ही पीएम मोदी केरल की सियासी जमीन पर कमल खिलाने की हरसंभव कोशिश में जुटे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल के दिन दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल समारोह में शिरकत किए थे. वो दिल्ली से तमिलनाडु को सियासी संदेश देते नजर आए थे. उन्होंने वहां लोगों को पोंगल की शुभकामनाएं दी और गौसेवा की. इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था, ये पर्व आप सबके साथ मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है यह त्योहार (पोंगल) प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन बनाने का मार्ग दिखाता है.
पीएम मोदी ने कहा था कि आज पोंगल एक वैश्विक त्योहार बन चुका है. दुनियाभर में रहने वाला तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग इसे पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं. मैं भी उनमें से एक हूं. आप सभी के साथ इस विशेष पर्व को मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. पोंगल हमारे दैनिक जीवन में एक सुखद अनुभव है. इसमें अन्न देने वाले किसान, धरती और सूर्य की मेहनत के प्रति कृतज्ञता का भाव निहित है.
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बीजेपी के लिए सियासी संजीवनी बनेगा?
पिछले 2 सालों से पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर ही उनके लोकसभा क्षेत्र (वाराणसी) में तमिल काशी संगमम का सफल आयोजन किया जा रहा है. पिछले साल से प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर ही तमिल सौराष्ट्र संगमम का आयोजन किया जा रहा है. इस विशेष कार्यक्रम के जरिए गुजरातियों और तमिल लोगों के सैकड़ों साल पुराने रिश्तों को भी बताने का प्रयास किया गया.
पीएम मोदी और बीजेपी तमिलनाडु और केरल के लोगों का विश्वास जीतने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच पीएम मोदी का दक्षिण भारत का दौरा राजनीतिक रूप से बीजेपी के लिए सियासी संजीवनी दे सकता है. अब देखना है कि बीजेपी के लिए पीएम मोदी किस तरह सियासी माहौल बना पाते हैं?
कुबूल अहमद