पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण की 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है. दूसरे चरण की वोटिंग के बीच भारतीय जनता पार्टी के अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम पर टेप लगा दिए गए हैं, जिससे बीजेपी उम्मीदवार का नाम छिप गया है. अब चुनाव आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऐसे बूथ पर फिर से मतदान कराने के आदेश दे दिए हैं.
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि जिस भी मतदान केंद्र पर ईवीएम के ऊपर काला या सफेद टेप पाया गया है, वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा है कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बूथ से इस तरह टेप मिलने की घटनाएं सामने आती हैं, तो पूरे विधानसभा क्षेत्र में ही पुनर्मतदान कराया जाएगा.
गौरतलब है कि बीजेपी ने फालता इलाके में ईवीएम पर टेप लगे होने के कारण बीजेपी उम्मीदवार का नाम छिपने की शिकायत की थी. चुनाव आयोग ने शिकायत को गंभीर बताते हुए इसकी जांच के आदेश दिए थे. चुनाव आयोग की ओर से कहा गया था कि अगर शिकायत सही पाई गई, तो आयोग पुनर्मतदान के आदेश देगा. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग से पहले ही इस बात के निर्देश दिए थे कि पीठासीन अधिकारी मतदान शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित करें कि ईवीएम पर सभी उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट रूप से दिखाई दें.
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक किसी भी उम्मीदवार के बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य सामग्री के साथ कवर नहीं किया गया हो, वोटिंग की शुरुआत से पहले यह सुनिश्चित करने के निर्देश पीठासीन अधिकारियों को दिए गए थे. मतों की गोपनीयता प्रकट करने के लिए बैलट यूनिट के उम्मीदवार बटन पर कोई रंग या स्याही या इत्र या अन्य रसायन नहीं लगा हो. यदि ऐसा कोई उदाहरण देखा जाता है, तो पीठासीन अधिकारी तुरंत और अनिवार्य रूप से सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करे. ऐसे सभी मामले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़/हस्तक्षेप के अंतर्गत आने की आशंका है.
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि यह गंभीर चुनावी अपराध है. ऐसा कोई भी मामला सामने आने पर निर्वाचन आयोग पुनर्मतदान के आदेश सहित जिम्मेदार लोगों के प्रति आपराधिक कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा.
तपस सेनगुप्ता