पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण की विधानसभा सीटों पर बुधवार को वोटिंग हुई. इस फेज की वोटिंग के दौरान जमकर बवाल हुआ. हिंसक झड़प, मारपीट और सियासी जुबानी जंग के बीच निर्वाचन आयोग को मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम पर काले टेप, चिपकने वाला पदार्थ और स्याही की 77 शिकायतें मिली हैं. चुनाव आयोग ने इन शिकायतों को गंभीर बताते हुए कहा था कि अगर ये सही पाई जाती हैं, तो ऐसे बूथ पर पुनर्मतदान कराया जाएगा.
अब चुनाव आयोग के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार फाल्टा से 32, मगराहाट से 13, डायमंड हार्बर में 29 और बजबज में ऐसी तीन शिकायतें मिली हैं. चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि इनमें से 23 शिकायतों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 20 शिकायतें अकेले फाल्टा की हैं. सभी शिकायतों की पुष्टि के बाद चुनाव आयोग रिपोर्ट के आधार पर अपनी फुल कमीशन मीटिंग में पुनर्मतदान कराने को लेकर फैसला करेगा. चुनाव आयोग की फुल कमीशन मीटिंग में यह फैसला होगा कि कहां और कब पुनर्मतदान कराना है.
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि जिन मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में काले या सफेद टेप मिलने, गोंद, रोशनाई या रंग लगाकर उम्मीदवार के नाम, चुनाव चिह्न या पहचान छिपाने की शिकायत मिली है. उन्होंने कहा है कि अगर शिकायते सही पाई गईं, तो ऐसे बूथ पर फिर से मतदान कराया जाएगा. मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि अगर किसी एक विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बूथों पर ऐसी शिकायतें सामने आती हैं, तो पूरे विधानसभा क्षेत्र में ही दोबारा मतदान कराया जाएगा.
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा था कि इन घटनाओं की गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों और पोलिंग अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर समुचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, दोनों फेज की वोटिंग के दौरान हुए मतदान के आंकड़ों ने सियासी पंडितों को हैरान कर दिया है. अब सबकी नजरें 4 मई को चुनाव नतीजे पर हैं. आजादी के बाद से बंगाल में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया. 294 सीटों पर हुई वोटिंग में पहले चरण में 92.88% मतदान हुआ. वहीं दूसरे चरण में 92.25 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.
संजय शर्मा