असम चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका: सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने छोड़ा हाथ, बीजेपी में शामिल

असम विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के एलान के साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ी हलचल शुरू हो गई है. चुनाव की वोटिंग 9 अप्रैल को होनी है और नतीजे 4 मई को आएंगे, लेकिन इससे ठीक पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है. पार्टी के मौजूदा सांसद और दिग्गज नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है.

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असम चुनाव से पहले प्रद्युत बोरदोलोई बीजेपी में शामिल ( File Photo) असम चुनाव से पहले प्रद्युत बोरदोलोई बीजेपी में शामिल ( File Photo)

पीयूष मिश्रा

  • असम,
  • 18 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:48 PM IST

असम में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही राजनीति की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. 2026 के चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है. 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और 4 मई को नतीजे आएंगे. लेकिन वोटिंग से पहले ही कांग्रेस के लिए एक बुरी खबर आई है. पार्टी के एक बहुत पुराने और बड़े नेता ने साथ छोड़ दिया है, जिससे चुनावी मैदान में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है.

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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद जानकारी दी कि कांग्रेस के मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई अब बीजेपी (BJP) में शामिल हो गए हैं. प्रद्युत बोरदोलोई कोई नया नाम नहीं हैं, वे असम की राजनीति का एक अनुभवी चेहरा हैं और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. उनके पास अभी सांसद के तौर पर 3 साल का कार्यकाल बचा हुआ था, लेकिन उन्होंने चुनाव से ठीक पहले पाला बदलकर सबको चौंका दिया है.

चुनाव से ठीक पहले बदला असम का समीकरण

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि प्रद्युत बोरदोलोई जैसे वरिष्ठ नेता के आने से भाजपा को राज्य में काफी मजबूती मिलेगी. उनकी जॉइनिंग को दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी मंजूरी दे दी थी. चुनाव के ठीक पहले एक सिटिंग सांसद का कांग्रेस छोड़कर आना यह बताता है कि पर्दे के पीछे सियासी समीकरण कितनी तेजी से बदल रहे हैं.

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अब असम की चर्चाओं में बस यही सवाल है कि कांग्रेस अपने इतने बड़े नेता को रोक क्यों नहीं पाई? चुनाव सिर पर हैं और ऐसे में एक दिग्गज का साथ छोड़ना किसी भी पार्टी के लिए बड़ी मुश्किल पैदा कर सकता है. अब देखना यह होगा कि प्रद्युत बोरदोलोई के आने से भाजपा को जमीन पर कितना फायदा होता है और कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है. एक बात तो तय है कि इस बार असम का मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है.

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