NEET परीक्षा 2026 रद्द: पेपर लीक में दोषी हुए तो जब्त हो सकती है प्रॉपर्टी, बहुत कड़ा है नया कानून

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने और कथित पेपर लीक मामले ने देशभर में हलचल मचा दी है. लाखों छात्रों के भविष्य पर असर डालने वाले इस मामले की जांच अब सीबीआई करेगी. नए एंटी-पेपर लीक कानून के तहत दोषियों को 10 साल तक की जेल, 1 करोड़ रुपये जुर्माना और संपत्ति जब्ती जैसी कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है.

Advertisement
पेपर लीक में दोषी हुए तो जब्त हो सकती है प्रॉपर्टी (Photo: itg) पेपर लीक में दोषी हुए तो जब्त हो सकती है प्रॉपर्टी (Photo: itg)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:23 PM IST

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने और कथित पेपर लीक मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है. जानकारी सामने आई है कि इस पूरे प्रकरण की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है. सीबीआई ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है. इससे पहले इस मामले की जांच राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) कर रही थी. अब तक पुलिस इस मामले में 45 लोगों को हिरासत में ले चुकी है.

Advertisement

10 साल तक सजा,1 करोड़ जुर्माना या दोनों

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट सुमित नागपाल और ज्ञानंत सिंह ने बताया कि  भारत में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू किया है. इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 3 साल से लेकर 10 साल तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. अदालत जरूरत पड़ने पर कैद और जुर्माना दोनों की सजा भी दे सकती है.

यह कानून फरवरी 2024 में पारित हुआ था और इसके प्रावधान जून 2024 से लागू किए गए. इस कानून के तहत पेपर लीक जैसे अपराध गैर-जमानती श्रेणी में रखे गए हैं. इसमें शामिल लोगों, यहां तक कि छात्रों पर भी भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है.

Advertisement

आंसर शीट से छेड़छाड़ पर भी सजा

नए कानून के अनुसार, पेपर लीक करने या उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ करने पर न्यूनतम 3 साल की जेल हो सकती है. अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह सजा 10 साल तक बढ़ाई जा सकती है. दोषियों पर 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी रखा गया है.

अगर जांच में यह साबित होता है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था भी इसमें शामिल थी, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. वहीं किसी सर्विस प्रोवाइडर की संलिप्तता सामने आने पर उस पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. साथ ही परीक्षा आयोजन में हुए पूरे खर्च की भरपाई भी उससे कराई जा सकती है.

जब्त की जा सकती दोषियों की संपत्ति

कानून में यह भी प्रावधान है कि पेपर लीक या आंसर शीट से छेड़छाड़ में शामिल लोगों की संपत्ति जब्त की जा सकती है. यदि यह अपराध किसी संगठित गिरोह द्वारा किया गया हो, तो आरोपियों को 5 से 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. यह कानून UPSC, SSC, रेलवे भर्ती परीक्षाओं और NEET जैसी सभी केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं पर लागू होता है.

Advertisement

पेपर लीक, परीक्षा रद्द

बता दें कि आज यानी मंगलवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कथित पेपर लीक विवाद के बाद NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है. यह निर्णय केंद्रीय एजेंसियों से मिली उन रिपोर्ट्स के आधार पर लिया गया, जिनमें 3 मई को आयोजित परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए थे.

इस बार NEET UG 2026 में लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, जिससे यह देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हो गई. हालांकि पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

मामले के तूल पकड़ने और लाखों छात्रों के प्रभावित होने के बाद केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया है. सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला किया है. साथ ही छात्रों का भरोसा कायम रखने के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की घोषणा भी की गई है.

 
 

---- समाप्त ----

TOPICS:
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement