समाज में बच्चों के खिलाफ बढ़ते आपराधिक मामलों को देखते हुए एनसीईआरटी की ओर से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है. बच्चों को सेक्सुअल अब्यूज के प्रति जागरुक करने के लिए एनसीईआरटी ने अपने सलेबस और करिकुलम में भी बदलाव किया है.
नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) के रिवाइज्ड सलेबस में एजुकेशनल फिल्मों के जरिये बच्चों को अब सेक्स एजुकेशन भी दिया जाएगा. यह सलेबस कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए होगा.
बच्चों को एजुकेशनल फिल्म और काउंसलर की मदद से सेक्सुअल अब्यूज के बारे में बताया जाएगा.
सलेबस में सेक्स एजुकेशन क्यों जरूरी?
DNA की रिपोर्ट के अनुसार एनसीईआरटी के एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा कि बच्चे एक बार बड़े हो जाएं तो वो अपना ध्यान रख सकते हैं. पर छोटे बच्चे नहीं. इसलिए हम छोटे बच्चों के लिए करिकुलम में बदलाव कर रहे हैं, ताकि छोटे बच्चों को मजबूत बना सकें.
एजुकेशनल फिल्मों के जरिये बच्चों को बताया जाएगा कि चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज क्या होता है. बच्चों को यह पहले से ही गुड टच और बैड टच के बारे में पढ़ाया जा रहा है.
वंदना भारती