मेघा अरोड़ा बचपन से अपनी मां से प्रेरित थीं. उन्होंने अपनी बैचलर की पढ़ाई अमेरिका और मास्टर्स यूनिवर्सिटी आफ लंदन से करने के बाद आईएफएस (इंडियन फॉरेन सर्विस) करने का सपना पूरा करने की ठानी. आइए जानें, क्या थी उनकी तैयारी की स्ट्रेटजी. इनकम टैक्स में चीफ कमिश्नर उनकी मां ने भी इस तैयारी में हमेशा उनका हौसला बढ़ाया.
फोटो: मेघा अरोड़ा अपनी मां के साथ
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एक इंटरव्यू में मेघा ने बताया कि प्रीलिम्स 2014 से तीन प्वाइट से फिर 2015 में 4 नंबर से रह गया था. फिर भी मेघा जरा सा भी निराश नहीं हुईं और तीसरी बार में 108वीं रैंक से पास की. बता दें कि यूपीएससी की ये परीक्षा देश की काफी मुश्किल परीक्षा होती है.
फोटो: मेघा अरोड़ा
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मेघा अरोड़ा ने पूरी तैयारी ऑनलाइन कोचिंग और नामी कोचिंग संस्थानों के नोट्स के जरिये की. उन्होंने किसी कोचिंग में जाकर कक्षाएं नहीं लीं. वो सबसे ज्यादा सेल्फ स्टडी करती थीं.
फोटो: प्रतीकात्मक
मेघा का कहना है कि वो चंडीगढ़ में रहकर तैयारी करती थीं, इसलिए वो घर से ही तैयारी करती थीं, लेकिन नोट्स वगैरह ऑनलाइन तैयारी के जरिए लेती थीं.
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दो अटेंम्प्ट में न होने के बाद वो तीसरे अटेंप्ट में जुट गई थीं. मेघा का कहना है कि ये एग्जाम लंबी प्रक्रिया है. इस दौरान आपको पेशेंस रखना होता है. उन्होंने अपनी तैयारी की स्ट्रेटजी कुड इसी तरह बनाई कि वो बिना नागा किए दिन में 6 से 7 घंटे सेल्फ स्टडी में जुट गईं. इस तरह उन्होंने खुद को मोटिवेट रखा और इस परीक्षा को तीसरी बार में निकाल दिया.
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यूपीएससी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को मेघा सलाह देती हैं कि उन्हें किसी भी हाल में उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए. लाख तैयारी हो लेकिन जिसने एक बार उम्मीद छोड़ी वो किसी भी हाल में निकाल नहीं पाएगा. इसलिए तैयारी करें तो खुश और रिलैैक्स रहें. पढ़ाई को जितना मजा लेकर करेंगे, एग्जाम को पास करना मुश्किल नहीं होगा.
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एक इंटरव्यू में मेघा कहती हैं कि इस पूरी तैयारी के दौरान परिवार का रोल भी मायने रखता है. मैं अपनी मां सोनाली अरोड़ा को भी इसका क्रेडिट दूंगी, क्योंकि उन्होंने मुझे खुद पर विश्वास करना सिखाया, तभी मुझे मंजिल मिल सकी.
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