सीए परीक्षा 2018 के ऑल इंडिया टॉपर शादाब हुसैन ने दसवीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि वो बिजनेस की फील्ड में जाएंगे. वो कहते हैं कि पापा टेलरिंग काम करते थे, अक्सर मैंने बाजार में लोगों को टैक्स पर चर्चा करते या टैक्स के लिए CA (चाटर्ड अकाउंटेंट) से चर्चा करते देखता था. तभी मैंने तय किया था कि डॉक्टर इंजीनियर बनने का ख्वाब तो सभी देखते हैं, मैं एक दिन सीए बनूंगा. वो बता रहे हैं कि किस तरह की तैयारी से उन्होंने सीए में पहली रैंक हासिल की.
फोटो: बेटे शादाब के साथ पिता मो. रफीक
Image Credit: Shadab Hussain/ India Today
बता दें, कोटा के विज्ञान नगर में रहने वाले शादाब हुसैन का परिवार साधारण है. उनके पिता मो. रफीक टेलर का काम करते हैं. शादाब के परिवार में उनके माता-पिता के अलावा चार बड़ी बहने भी हैं. वो बताते हैं कि उनकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है. छोटी अभी पढ़ाई कर रही है. वो कहते हैं कि मेरे माता-पिता ने सभी बहनों को पढ़ाया-लिखाया. अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार वो जितना कर सकते थे, उतना किया.
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ऑल इंडिया सीए परीक्षा में पहली रैंक हासिल करने वाले शादाब ने आजतक से बातचीत में कहा कि इस परीक्षा को पास करने में सामान्यत: काफी मुश्किल आती है. लेकिन, मैंने स्ट्रेटजी बनाकर तैयारी की थी. मुझे ये अंदाजा नहीं था कि रैंक वन आ जाएगी, हां, टॉप 50 में जरूर आएंगे, ये तो तय था.
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कैसे की पढ़ाई
शादाब ने बताया कि उन्होंने प्राइमरी एजुकेशन हिंदी मीडियम स्कूल से किया. वो बताते हैं कि 12वीं में जिले में उनकी चौथी रैंक थी, तभी मुझे कुछ अच्छा करने की उम्मीद जगी थी. बस तभी से सोचा कि अब अपना बचपन का सपना पूरा करूं और इसी दिशा में मैंने तैयारी शुरू कर दी.
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वो बताते हैं कि दसवीं में मैंने सोचा था कि कैसे इस बाजार जगत में प्रवेश कर सकते हैं. मैं देखता था कि कैसे लोग टैक्स वगैरह भरते हैं. ये मेरा खुद का ही डिसीजन था कि मैं डॉक्टर बनने के बजाय सीए बनना चाहता था.
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कैसे करें सीए की तैयारी
वो बताते हैं कि सीए में करियर बनाने के लिए इसकी शुरूआत कॉमन प्रोफिसिएंसी टेस्ट सीपीटी से होती है जिसे पास करने के बाद ही छात्र अपने लक्ष्य के पहले पड़ाव को पार करके ही अगला पड़ाव मिलता है. इसके बाद इटीग्रेटेड प्रोफेशनल कंपीटेंस कोर्स (IPCC) की तैयारी होती है. इसमें अकाउंटिंग, बिजनेस और कंपनी लॉ, एथिक्स एंड कम्युनिकेशन, कास्ट अकाउंटिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट, टैक्सेशन, एडवांस अकाउंटिंग, आईटी एंड स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट आदि विषयों को शामिल किया गया है.
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सीपीटी क्लियर हो जाने के बाद स्टूडेंट्स आईपीसीसी का एग्जाम दे सकता है. इसके लिए स्टूडेंट्स को कम से कम छह महीने की तैयारी का वक्त मिलता है. आईपीसीसी एग्जाम क्लियर करने के बाद स्टूडेंट्स को एक सीए के अंडर में इंटर्न के रूप में काम करना होता है. फाइनल एग्जाम के लिए एलिजिबल होने से पहले स्टूडेंट को तीन साल तक यह इंटर्नशिप करनी होती है.
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12वीं के बाद पांच साल का सफर
सीए की शुरुआत का सही समय 12वीं पास करने के बाद का ही होता है. सीए की तैयारी के लिए छात्रों को पहले अकाउंटिग में मजबूत पकड़ बनानी चाहिए. इसमें एक साल बाद सीए इंटर सीपीटी सीए आईपीसीएस का एक्जाम दे सकते हैं. इसके बाद एंटरर्नशिप करके सीए फाइनल कर सकते हैं.
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ये भी रखें ध्यान
सीए सीपीटी में पहले ऑब्जक्टिव सवाल आते थे, अब थोड़े सब्जेक्टिव भी जोड़ दिए गए हैं. हमें ध्यान रखना है कि सीए सीपीटी में 11वीं 12वीं से सवाल आते हैं. आप अगर तैयारी कर रहे हैं तो आपकी स्ट्रेटजी फार्मूला और कॉन्सेप्ट दोनों को प्रैक्टिस से पैना करने की होनी चाहिए. आप जितना प्रैक्टिस करेंगे और टाइम स्लॉट तय करके पढ़ेंगे तो सफलता तय है.
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