खेलों की दुनिया में 'स्ट्रीकर' एक खास शब्द है, जिसकी वजह से बीच मुकाबले में बाधा आती है. वैसे ऐसे दर्शक को स्ट्रीकर कहा जाता है, जो मैच के दौरान बिना कपड़ों के मैदान में घुस आता है और अपनी हरकतों से लोगों का ध्यान खींचता है. मौजूदा क्रिकेट वर्ल्ड कप में भी पिछले दिनों ऐसे ही स्ट्रीकर की वजह से पांच मिनट तक खेल रुका रहा.
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
2015 में भी केंट्रबरी में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जब मार्शल नाम का एक व्यक्ति मैच के दौरान अपने कपड़े उतार मैदान पर आकर नाचने लगा था. इस सिरफिरे फैन ने मैदान पर ही अपना टेंट भी लगा लिया. उसने अपने सारे फोटो ट्विटर पर शेयर किए थे.
क्रिकेट में पहली बार 45 साल पहले (4 अगस्त 1975) स्ट्रीकर को देख लोग दंग रह गए थे, वो भी क्रिकेट के मक्का- लॉर्ड्स में. तब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज का दूसरा टेस्ट जारी था. इस दौरान पहले स्ट्रीकर के तौर पर माइकल एंजेलो, जो मर्चेंट नेवी में कुक था, का नाम इतिहास में दर्ज हो गया.
24 साल के माइकल एजेंलो ने भागते हुए स्टंप्स के ऊपर से छलांग लगाई. जो नजारा कैमरे में कैद किया गया था. यही नहीं इस मैच को देखने वाले अजीब दृश्य को देखकर चकित रह गए थे.
दरअसल, उस टेस्ट मैच का चौथा दिन काफी उबाऊ था. उस वक्त इंग्लैंड का दूसरी पारी में 399/6 का स्कोर था. बॉब वूल्मर और एलन नॉट क्रीज पर थे, तभी 24 साल के उस शख्स ने दौड़ लगाते हुए स्टंप्स के ऊपर से छलांग लगाई. वैसे दर्शक, जो उस वक्त मैदान पर छाई सुस्ती से ऊंघ रहे थे, अचानक इस अजीब दृश्य को देखकर हैरान रह गए.
लॉर्ड्स के नर्सरी छोर से घुसे उस स्ट्रीकर को माउंट स्टैंड छोर पर सुरक्षाकर्मियों ने उसे घेर लिया. आखिरकार मैजिस्ट्रेट ने उस पर 10 पाउंड का जुर्माना लगाया. मजे की बात है कि मैदान पर न्यूड होकर घुसने की शर्त जीतने पर उसे उतने ही पाउंड मिले थे.
लगता है जुर्माना
पहले स्ट्रीकर के ऊपर 10 पाउंड का जुर्माना लगा था. वहीं 2015 में ये जुर्माना इससे कहीं ज्यादा था. अब चार जुलाई को घुसने वाले स्ट्रीकर पर भी कहा जा रहा है कि बड़ा जुर्माना लगाया जाएगा.
जनवरी 2015 में बिग बैश लीग (BBL) में भी दो कजिन भाइयों ने स्ट्रीकर के तौर पर एंट्री की थी. सिडनी में हो रहे इस मैच को 40 हजार के करीब दर्शक देख रहे थे. तभी जोश हडसन और चैड ने मैदान में बिना कपड़ों के एंट्री मारी थी. डेली टेलीग्राफ में छपी खबर के मुताबिक इन दोनों ने भी एक शर्त के तहत ये काम किया था.
मनोचिकित्सक की नजर में पर्सनैलिटी डिसऑर्डर:
लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कई बार लोग ऐसी हरकते करते हैं. सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली के मनोचिकित्सक डॉ राजीव मेहता कहते हैं कि ये एक तरह का पर्सनैलिटी डिसआर्डर है जिसे अंटेशन सीकिंग कहते हैं. इससे ग्रसित लोग अपनी ओर सबका ध्यान आकर्षित करने के लिए अजीबोगरीब हरकते करते हैं.