छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्थित स्टील प्लांट में ब्लास्ट की वजह से 8 लोगों की मौत हो गई है. जबकि कई लोग घायल हो गए हैं. बताया जा रहा है कि स्टील प्लांट में स्थित गैस पाइपलाइन फटने से ये हादसा हुआ है. ऐसे में जानते हैं इस स्टील प्लांट के बारे में...
बता दें कि यह भारत का पहला स्टील प्लांट है और यहां ट्रेन की पटरियां बनाई जाती हैं. इसकी स्थापना सोवियत संघ की मदद से 1955 में हुई थी. जब इसकी स्थापना की गई, उस वक्त देश में दूसरी पंचवर्षीय योजना चल रही थी.
यह कारखाना देश में रेल की पटरियों और भारी इस्पात प्लेटों का एकमात्र निर्माता है और इसे दस बार देश का सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात कारखाने के लिए प्रधानमंत्री ट्रॉफी मिल चुकी है.
यह देश में 260 मीटर रेल की सबसे लंबी पटरियों का एकमात्र सप्लायर है और इस कारखाने की वार्षिक उत्पादन क्षमता 31 लाख 53 हजार टन विक्रेय इस्पात की है.
यह देश का ऐसा एकमात्र इस्पात कारखाना है, जिसे इन सभी क्षेत्रों में प्रमाणपत्र मिला है. इन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रमाणपत्रों के कारण भिलाई के उत्पादों का महत्व और भी बढ़ जाता है और इस्पात उद्योग में इसकी गिनती सर्वश्रेष्ठ संगठनों में की जाती है.
भिलाई को अनेक राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है और इसे लगातार तीन वर्ष सीआईआई-आईटीसी सस्टेनेबिलिटी पुरस्कार प्राप्त हुआ है.