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सुदूर गांव में कैसे पहुंचाएंगे बिजली? ये जवाब देकर IAS बने जावेद

मानसी मिश्रा
  • 12 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:46 PM IST
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झारखंड के कोडरमा के रहने वाले मोहम्मद जावेद हुसैन 2018 बैच के IAS अफसर बन चुके हैं. उन्होंने aajtak.in से बातचीत में यूपीएससी की तैयारी की स्ट्रेटजी और इंटरव्यू बोर्ड द्वारा पूछे गए सवाल साझा किए. सीनियर आईएएस बीएस बस्सी बोर्ड के इंटरव्यू में उनसे सवाल पूछा गया कि अगर वो आईएएस अफसर हैं और रिमोर्ट लोकेशन में स्थित एक आदिवासी गांव में बिजली पहुंचानी है तो वो क्या तरीका अपनाएंगे. मो जावेद ने इस सवाल का बेहद सटीक उत्तर दिया. आइए जानें- उन्होंने क्या जवाब दिया था. साथ ही उनकी तैयारी की स्ट्रेटजी पढ़िए.

Photo Credit: aajtak.in/ Special Permission

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जावेद हुसैन ने बताया कि मेरा परिवार कोडरमा में रहता है. मेरे वन विभाग में ग्रुप सी कर्मचारी हैं और मेरी मां हाउसवाइफ हैं. हम तीन भाई और एक बहन हैं, मेरा बड़ा भाई आबिद हुसैन बीएसएनएल में इंजीनियर है और छोटा भाई माजिद और बहन गुलनाज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. वो कहते हैं कि मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इतना सर्पोटिव परिवार मिला. कम संसाधनों के बावजूद हमारे पिता ने हमें अच्छी शिक्षा दिलाई. आज मैं जो कुछ भी हूं इसके पीछे मेरे परिवार का बलिदान है.

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सिविल सर्विस में आने के पीछे की वजह बताते हुए वो कहते हैं कि मैं इंडियन रेलवे में इंजीनियर था. इस सर्विस में रहते हुए मैं जनता को सर्विस दे रहा था. मुझे लगा कि सिविल सर्विस वो जरिया है जिससे मैं समाज के लिए और भी बहुत कुछ कर सकता हूं. ये वो अकेली सर्विस है जिसके जरिये आपके द्वारा लिए गए निर्णय सीधे तौर पर असर करते हैं, इसकी कोई तुलना ही नहीं है.

Photo Credit: aajtak.in/ Special Permission

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कैसे करें तैयारी

जावेद कहते हैं कि मैं तो यही सलाह दूंगा कि अगर आप पहले से जॉब कर रहे हैं तो नौकरी के साथ-साथ कम से कम दो प्रयास करें. अगर आपको दोनों को एक साथ करने में कठिनाई हो रही है, तो किसी एक को छोड़ना ही पड़ेगा. वो कहते हैं कि ये परीक्षा अप्रत्याशित इसलिए लगती है क्योंकि तैयारी करने वाले बार-बार वही गलतियां दोहराते रहते हैं. परीक्षा के लिए उचित स्ट्रेटजी न होने से अक्सर बाधा आती है.

Photo Credit: aajtak.in/ Special Permission

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पांच अटेंप्ट में मिली सफलता

वो कहते हैं कि निसंदेह कुछ सौ सीटों के लिए हजारों सीरियस तैयारी कर रहे उम्मीदवारों से आपका मुकाबला होता है. लेकिन जीत उसी को मिलती है जो एक नियोजित दृष्टिकोण के साथ तैयारी करता है. मैं ये भी कहूंगा कि हरेक को इसे क्लीयर करने के लिए अलग-अलग समय लग सकता है. मुझे पांच प्रयासों में इसमें सफलता मिली.

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जावेद कहते हैं कि ऑप्शनल विषय के बारे में मुझे लगता है कि आपको उसी विषय को चुनना चाहिए जिसमें आपका इंट्रेस्ट हो. इसके चुनाव से पहले आपके मन में कोई धारणा नहीं होनी चाहिए. अगर आप बार बार फेल होने के बाद ऑप्शनल सब्जेक्ट बदलने की सोचते हैं तो भी मैं सलाह दूंगा कि इसे बदलने से पहले सोचें. ये विषय ही बहुत खास भूमिका निभाता है.

Photo: Javed with Minister Of Law and Justice, Electronics and IT Ravi Shankar Prasad in Patna

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जनरल स्टडीज के बारे में जावेद कहते हैं कि ये पूरी चयन प्रक्रिया में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है. इसके चुनाव से पहले आप कुछ डूज एंड डोंट्स जरूर ध्यान रखें..

Do's-

- अपने आप को सीमित स्रोतों तक सीमित रखें और उन्हें कई बार संशोधित करें.
- उत्तर लेखन की कला में निपुण होना चाहिए. ये अपने या किसी टेस्ट सीरीज़ पर लेखन के माध्यम से संभव होगा. मैं ध्यान राइट और विज़न GS टेस्ट सीरीज़ के अलावा उत्तर लेखन अभ्यास के लिए इनसाइट ऑन इंडिया पर लिखता था.
- मैंने इस प्रयास में नोट्स को सबसे उपयोगी पाया. नोट्स को ऐसे तैयार करें जिससे आसानी से परीक्षा में रीकॉल कर सकें. नोट्स बनाते समय फ्लोचार्ट्स, डायग्राम्स आदि बनाकर तैयारी करनी चाहिए. ताकि एग्जाम में आसानी से याद आ जाए.

Photo Credit: aajtak.in/ Special Permission

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Don'ts

- तैयारी करते समय ये ध्यान रखें कि कहीं वो सिलेबस से बाहर का टॉपिक तो नहीं है. अगर ठीक से स्ट्रेटजी बनाकर तैयारी की जाए तो ये बहुत आसान हो जाता है. सभी विषय समान रूप से टाइम नहीं मांगते. स्वतंत्रता के बाद, स्वतंत्रता, समाज, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों के लिए मैंने एक या दो पृष्ठ में छोटे नोट बनाकर तैयारी की.
- कई स्रोतों की ओर न जाएं. तैयारी के वक्त प्रत्येक सामग्री आकर्षक लगती है, लेकिन यकीन कीजिए एक सोर्स विशेष रूप से मेन्स के लिए पर्याप्त से अधिक है. मेन्स में खास ये है कि आप कैसे उत्तर देते हैं ये नहीं कि आपके पास ज्ञान कितना है.

Photo Credit: aajtak.in/ Special Permission

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इंटरव्यू में पूछे गए ये सवाल

अपने 15 फरवरी 2019 को हुए इंटरव्यू के बारे में वो बताते हैं कि मुझसे ज्यादातर सवाल इंडियन रेलवे को लेकर पूछे गए. मसलन अगर कोई रेल पटरी से उतर जाए तो आप अफसर के तौर पर क्या करेंगे आदि. वहीं कुछ सवाल इंटरनेशनल रिलेशन पर भी पूछे गए जैसे कि साउथ इस्ट एशिया में भारत चीन की दोस्ती के बारे में पूछा गया. इसके अलावा एक सवाल मेरे राज्य की इकोनॉमी से संबंधित पूछा गया. एक सवाल पारसनाथ जैन तीर्थ पर था.

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जावेद बताते हैं कि आखिर में चेयरमैन ने एक सवाल पूछा कि आप किसी रिमोट लोकेशन में स्थित ट्राइबल गांव में बिजली कैसे पहुंचाएंगे, इसके अलावा कुछ तकनीकी सवाल मेरे विषय इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से पूछे गए.

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वो बताते हैं कि मैंने गांव में बिजली पहुंचाने के सवाल के जवाब में बताया कि इसके कई रास्ते हो सकते हैं. सबसे पहले जो कदम मैं उठाऊंगा वो होगा कि मैं गांव को सोलर लाइटिंग दूंगा अगर गांव में बिल्कुल भी दूर-दूर तक बिजली नहीं है. जवाब में आगे बताया कि दूसरा कदम जो होगा वो है कि मैं संभावना तलाशूंगा कि गांव में स्माल हाइड्रो प्लांट्स लगवाऊं. लांग टर्म के लिए फिर मैं पीएम विद्युतीकरण योजना के जरिये गांव का विद्युतीकरण कराऊंगा.
 
फोटो: ट्रेनिंग के दौरान अपने साथियों के साथ, बायें से पहले मो जावेद
Photo Credit: aajtak.in/ Special Permission

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