नानी-दादी के घर जाओ, पौधे लगाओ और प्लास्ट‍िक... गर्मी की छुट्टियों पर 'योगी अंकल' की बच्चों को पाती

उत्तर प्रदेश में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के नाम एक बेहद भावुक खुला खत लिखा है. 'योगी अंकल' ने बच्चों से इन छुट्टियों में मोबाइल और रील्स की स्क्रीन से दूर रहने, नानी-दादी के घर जाकर संस्कार सीखने और इस वैकेशन को पूरी तरह 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाने की बड़ी अपील की है.

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'नानी-दादी के घर जाओ, मोबाइल छोड़ो और वैकेशन बनाओ प्लास्टिक फ्री', बच्चों को CM योगी ने ल‍िखा पत्र 'नानी-दादी के घर जाओ, मोबाइल छोड़ो और वैकेशन बनाओ प्लास्टिक फ्री', बच्चों को CM योगी ने ल‍िखा पत्र

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • लखनऊ/नई दिल्ली ,
  • 25 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:56 AM IST

उत्तर प्रदेश में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बिल्कुल अलग और संवेदनशील अंदाज में नजर आए हैं. बच्चों के 'योगी अंकल' ने आज, 25 मई 2026 को राज्य के स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के नाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद भावुक और प्रेरक खुला खत साझा किया है. इस खत को 'योगी की पाती' नाम दिया गया है, जिसमें उन्होंने बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर रहने, संस्कारों से जुड़ने और अपनी छुट्टियों को पूरी तरह से 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाने का कड़ा और स्नेहिल संदेश दिया है.

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'मेरे प्यारे बच्चों... किताबों से दोस्ती करो, नई भाषा सीखो'
मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए लिखा कि स्कूल की व्यस्त दिनचर्या और परीक्षाओं के परिणाम के बाद मिलने वाला यह अवकाश केवल खाली बैठने के लिए नहीं, बल्कि कुछ नया तलाशने का समय है. सीएम योगी ने लिखा:

"मेरे प्यारे बच्चों, गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं. व्यस्त रूटीन से मुक्ति मिलते ही मन कुछ नया सीखने के लिए उत्सुक हो जाता है. यह समय अपनी रुचियों को पहचानने, अच्छी किताबों से दोस्ती करने, फोटोग्राफी, पेंटिंग, कुकिंग, संगीत और बागवानी जैसे शौक विकसित करने का है."

उन्होंने किशोरों और युवाओं से विशेष अपील की कि वे इस खाली समय का उपयोग कोई नई भाषा सीखने या कोई नया हुनर (Skill Acquisition) हासिल करने की प्रक्रिया में करें.

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पेरेंट्स से अपील: 'बच्चों को ले जाएं नानी-दादी के घर'
खत के दूसरे हिस्से में सीएम योगी ने अभिभावकों (Parents) को सीधे संबोधित करते हुए आज के डिजिटल दौर की एक बड़ी कमी पर चोट की. उन्होंने लिखा कि आज के बच्चे दादा-दादी और नाना-नानी की कहानियों से दूर होते जा रहे हैं.

संस्कारों से जुड़ाव: सीएम ने पेरेंट्स से कहा कि इन छुट्टियों में बच्चों को उनके ननिहाल और ददिहाल जरूर लेकर जाएं, ताकि वे अपने परिवार के साथ समय बिता सकें और हमारे पारिवारिक मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझ सकें.

प्रकृति से दोस्ती: उन्होंने माता-पिता से अपील की कि बच्चों को मिट्टी, पानी और वृक्षों का महत्व समझाएं. बच्चों के हाथों से पौधे लगवाएं और उन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी बच्चों को ही सौंपें.

छुट्टियों को 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाएं
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश से एक बड़ा संकल्प लेने का आह्वान किया है. उन्होंने लिखा:

'मेरी आप सभी से अपील है कि इन छुट्टियों को पूरी तरह से 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाने का संकल्प लें. आप कहीं भी घूमने जाएं या पिकनिक पर जाएं, हमेशा कपड़े या जूट के थैलों का ही उपयोग करें. प्लास्टिक का कचरा कहीं भी न फेंकें. आज के ये छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलावों का आधार बनते हैं.' 

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सीएम ने बच्चों को उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक संपदा से रूबरू कराने के लिए उन्हें दुधवा नेशनल पार्क, चूका बीच और कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसे प्राकृतिक स्थलों पर ले जाने का भी सुझाव दिया.

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